नैनीताल में अनोखी पहल: बोतल लौटाने पर मिलेंगे 2 रुपये, क्यूआर कोड से सीधे खाते में पहुंचेगी राशि उत्तराखंड एक महीने पहले 31
सरोवर नगरी नैनीताल को स्वच्छ बनाने के लिए नगर पालिका ने प्लास्टिक और कांच के कचरे की खरीद शुरू की है, जिसमें हर बोतल या निर्धारित वस्तु पर 2 रुपये डिजिटल भुगतान किया जा रहा है।

सरोवर नगरी नैनीताल को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में नगर पालिका परिषद ने एक नई शुरुआत की है। शहर में पहली बार प्लास्टिक और कांच के कचरे को खरीदने की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत लोग इस्तेमाल की हुई प्लास्टिक की बोतलें, कांच की बोतलें, कैन और चिप्स समेत अन्य खाद्य पदार्थों के रैपर जमा करके सीधे प्रोत्साहन राशि हासिल कर सकेंगे। इस मुहिम का मकसद सिर्फ कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि लोगों में रिसाइकलिंग की आदत डालना भी है।

माल रोड पर लगाई गई विशेष कैनोपी

नगर पालिका ने माल रोड पर एक विशेष कैनोपी स्थापित की है, जहां नागरिक अपने घरों या आसपास से इकट्ठा किया गया रिसाइक्लिंग योग्य कचरा जमा कर सकते हैं। इसके बदले पालिका प्रत्येक बोतल या अन्य निर्धारित वस्तु पर 2 रुपये का भुगतान क्यूआर कोड के जरिए डिजिटल माध्यम से करती है। लोगों को इस अभियान से जोड़ने और प्रेरित करने के लिए कचरा जमा करने वाले व्यक्ति की तस्वीर भी ली जा रही है।

चारधाम यात्रा मार्ग की तर्ज पर शुरू हुआ अभियान

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने बताया कि इस तरह का अभियान राज्य सरकार की ओर से चारधाम यात्रा मार्गों पर शुरू किया गया था। उसी तर्ज पर अब नैनीताल नगर पालिका ने इसे स्थानीय स्तर पर लागू करने का फैसला किया है। उनका कहना है कि नैनीताल जैसे पर्यटन शहर में हर साल भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा पैदा होता है, जिसका सही प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में यह पहल शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी।

उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने की। फिलहाल माल रोड पर एक कैनोपी लगाई गई है, जबकि दूसरी कैनोपी जल्द ही तल्लीताल डाट क्षेत्र में स्थापित की जाएगी। इन केंद्रों पर लोग प्लास्टिक और कांच की बोतलों के साथ-साथ कैन और तरह-तरह के रैपर भी जमा कर सकेंगे।

रिसाइक्लिंग से होने वाली आय का होगा विकास में इस्तेमाल

नगर पालिका से मिली जानकारी के अनुसार, जमा किए गए कचरे को रिसाइक्लिंग सेंटर या अधिकृत कबाड़ियों के पास भेजा जाएगा। इससे होने वाली आय का इस्तेमाल पालिका के विकास और स्वच्छता से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। फिलहाल इस पूरी व्यवस्था का एक माह का ट्रायल चलाया जा रहा है, जिसके नतीजों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

टैक्सी चालक और होटल कर्मी भी निभा रहे भागीदारी

इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसमें आम नागरिकों के अलावा टैक्सी चालक, होटल कर्मी और वेटर भी सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। ये लोग अपने आसपास फेंकी गई बोतलें और अन्य रिसाइक्लिंग योग्य सामग्री इकट्ठा कर केंद्रों तक पहुंचा रहे हैं। साथ ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

स्थानीय निवासियों का मानना है कि अगर इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएं तो प्लास्टिक प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है। खासकर पर्यटन स्थलों पर, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, वहां इस तरह की प्रोत्साहन आधारित योजनाएं असरदार साबित हो सकती हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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