उत्तराखंड
एक घंटा पहले
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सोशल मीडिया के जरिए मिली पहचान
उत्तराखंड के नैनीताल की गलियों में अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले 8 वर्षीय मासूम साहिल की जादूगरी का वीडियो कुछ दिन पहले इंटरनेट पर काफी चर्चा में रहा था। इस वीडियो को महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था, जिसमें उन्होंने बच्चे की प्रतिभा की तारीफ करते हुए उसकी पढ़ाई और भविष्य में सहायता करने की बात कही थी। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद भी साहिल के परिवार को अब तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक मदद या संपर्क का इंतजार है।
मिलना चाहता है नन्हा साहिल
नन्हे साहिल ने अपनी मासूमियत से कहा कि वह आनंद महिंद्रा से मिलना चाहता है और उन्हें अपना जादू दिखाना चाहता है। साहिल का कहना है कि अगर उन्हें मदद मिलती है, तो वह अपनी पढ़ाई जारी रख पाएगा और जादूगर बनने का अपना सपना पूरा कर सकेगा। साहिल चार साल की उम्र से ही हाथ की सफाई का यह हुनर दिखा रहा है।
तीन पीढ़ियों से जादू का पेशा
साहिल के पिता रुकसान अली ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से राजस्थान के जयपुर का रहने वाला है। उनका परिवार पिछली तीन पीढ़ियों से जादू का प्रदर्शन कर जीवन यापन कर रहा है। रुकसान अली ने साझा किया कि आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण वे साहिल को नियमित स्कूल नहीं भेज पाए हैं। साहिल का परिवार के भरण-पोषण के लिए उनके साथ काम में हाथ बंटाना मजबूरी है।
प्रशासनिक बंदिशों के बीच संघर्ष
वर्तमान में नैनीताल में रह रहे साहिल के परिवार की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। साहिल के पिता के अनुसार, उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर जादू दिखाने के लिए नगर पालिका से अनुमति नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी आय का एकमात्र साधन भी प्रभावित हुआ है। सोशल मीडिया पर मिली लोकप्रियता के बावजूद साहिल का परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्हें अब भी उम्मीद है कि आनंद महिंद्रा का ध्यान एक बार फिर उन तक पहुंचेगा और साहिल को नई दिशा मिल सकेगी।
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