प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड: निरीक्षण के बाद भड़के तिरहुत कमिश्नर, अस्पताल मालिक और प्रबंधन पर FIR के आदेश बिहार एक घंटा पहले 2
मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में हुए अग्निकांड के बाद तिरहुत कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल मालिक व प्रबंधन के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। मालिक द्वारा अब तक सुध न लेने पर कमिश्नर ने सख्त नाराजगी जताई।

उत्तर बिहार के प्रमुख चिकित्सा केंद्र मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तिरहुत प्रमंडल के कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह स्वयं जमीनी हकीकत जानने और घटनास्थल का मुआयना करने अस्पताल पहुंचे। जांच के दौरान प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद उन्होंने मौके पर ही अस्पताल मालिक और पूरे प्रबंधन तंत्र के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का कड़ा आदेश दिया।

निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने जताई नाराजगी

अस्पताल में लगी आग और उसके बाद मची अफरा-तफरी के बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। प्रशासनिक अमले के साथ अस्पताल परिसर पहुंचे तिरहुत कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह ने उस स्थान का बारीकी से निरीक्षण किया, जहां आग भड़की थी। जांच के क्रम में सुरक्षा मानकों और फायर फाइटिंग सिस्टम को लेकर कई खामियां उजागर हुईं। कमिश्नर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से अस्पताल के एनओसी और सुरक्षा प्रबंधों को लेकर कड़े सवाल पूछे।

मालिक ने अब तक नहीं ली सुध, कानूनी कार्रवाई तय

जांच के बाद मीडिया और स्थानीय अधिकारियों से बातचीत के दौरान कमिश्नर का गुस्सा साफ झलक रहा था। अस्पताल प्रबंधन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी अस्पताल मालिक ने अब तक न तो पीड़ितों की और न ही व्यवस्था की कोई सुध ली है। उन्होंने इसे घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करार दिया।

कमिश्नर ने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि पूरे अग्निकांड की गहराई से तकनीकी जांच कराई जाए और अस्पताल मालिक व प्रबंधन के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस आदेश के बाद मुजफ्फरपुर के स्वास्थ्य महकमे और निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब कमिश्नर के निर्देश पर आगे की कानूनी प्रक्रिया और केस दर्ज करने की तैयारी में जुट गई है।

क्या है पूरी घटना

मुजफ्फरपुर जिले के प्रसाद हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से अचानक लगी भीषण आग में झुलसने और दम घुटने से 10 लोगों की मौत हो गई। आधिकारिक तौर पर 5 मौतों की पुष्टि हुई है, जबकि 15 से अधिक लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की बात कही जा रही है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है तथा घायलों को इलाज के लिए दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। इस मामले में अस्पताल की लापरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सवाल पूछने पर स्वास्थ्य मंत्री ने जोड़े हाथ

इस बड़े हादसे के बीच बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पटना एयरपोर्ट से अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए। एयरपोर्ट पर जब मीडियाकर्मियों ने इस दर्दनाक घटना को लेकर सवाल पूछने चाहे, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। मीडिया के सामने उन्होंने सिर्फ हाथ जोड़े और बिना कुछ कहे आगे बढ़ते हुए दिल्ली की फ्लाइट पकड़ ली।

सीएम सम्राट चौधरी ने की मुआवजे की घोषणा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाए।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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