मुजफ्फरपुर का 150 साल पुराना वटवृक्ष: भीषण गर्मी में लोगों के लिए बना राहत का सहारा बिहार एक महीने पहले 33
मुजफ्फरपुर के कंबाइंड बिल्डिंग परिसर में मौजूद करीब 150 साल पुराना विशाल वटवृक्ष इन दिनों भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए प्राकृतिक राहत का बड़ा केंद्र बन गया है। यह पेड़ शहर की ऐतिहासिक धरोहर के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का जीवंत संदेश भी है।

बिहार में इन दिनों पड़ रही तेज गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है। ऐसे मौसम में जब हर कोई थोड़ी ठंडक और राहत की तलाश में रहता है, तब मुजफ्फरपुर के कंबाइंड बिल्डिंग परिसर में खड़ा करीब 150 साल पुराना विशाल वटवृक्ष लोगों के लिए बड़ा सहारा बनकर सामने आया है। शहर के बीचों-बीच मौजूद यह पेड़ अपनी ऐतिहासिक पहचान के साथ-साथ हर दिन सैकड़ों लोगों को गर्मी की मार से बचाने का काम कर रहा है।

सिविल कोर्ट के पास घनी छांव का ठिकाना

सिविल कोर्ट के ठीक बगल में स्थित यह वटवृक्ष अपनी घनी और दूर तक फैली छांव के लिए खासा प्रसिद्ध है। जैसे-जैसे तापमान चढ़ता है और उमस लोगों की परेशानी बढ़ाती है, इस पेड़ के नीचे भीड़ बढ़ती चली जाती है। कोर्ट आने वाले अधिवक्ता, मुवक्किल, कर्मचारी और आसपास के दुकानदार अक्सर यहां कुछ देर बैठकर गर्मी से राहत महसूस करते हैं।

शहर की धरोहर और कई पीढ़ियों का साथी

स्थानीय लोगों का मानना है कि यह वटवृक्ष महज एक पेड़ नहीं, बल्कि शहर की एक अहम धरोहर है। कई पीढ़ियां इसे देखती और इसकी छांव का लाभ उठाती आ रही हैं। वर्षों से यह पेड़ लोगों को छांव देने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता रहा है। इसकी घनी पत्तियां और चारों ओर फैली शाखाएं आसपास के वातावरण को ठंडा बनाए रखने में मदद करती हैं।

प्राकृतिक कूलर जैसा अहसास

परिसर के पास दुकान चलाने वाले रंजीत कुमार बताते हैं कि उमस भरी इस गर्मी में यह वटवृक्ष किसी प्राकृतिक कूलर से कम नहीं है। उनके अनुसार तेज धूप में कुछ पल खड़े रहना भी कठिन हो जाता है, लेकिन जैसे ही कोई व्यक्ति इस पेड़ की छांव में पहुंचता है, उसे तुरंत राहत मिल जाती है।

यहां का तापमान आसपास की तुलना में काफी ठंडा महसूस होता है और थोड़ी देर बैठने भर से थकान भी कम हो जाती है।

अधिवक्ताओं को मिलती मानसिक शांति

दूसरी ओर, अधिवक्ताओं का कहना है कि कोर्ट की व्यस्त दिनचर्या के बीच जब भी उन्हें थोड़ा वक्त मिलता है, वे इसी वटवृक्ष की छांव में बैठना पसंद करते हैं। यहां उन्हें न सिर्फ गर्मी से राहत मिलती है, बल्कि मानसिक शांति का अनुभव भी होता है।

हरियाली और पर्यावरण का जीवंत उदाहरण

भीषण गर्मी के इस दौर में मुजफ्फरपुर का यह ऐतिहासिक वटवृक्ष लोगों के लिए प्रकृति के अनमोल उपहार की तरह साबित हो रहा है। यह पेड़ पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के महत्व की भी जीती-जागती मिसाल है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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