उपनाम: हरियाली
घर में गार्डन बनाने का सपना होगा सच, इन पौधों के साथ छोटे फ्लैट को दें शानदार लुक
अगर आपके पास बागवानी के लिए अलग से जगह नहीं है, तो भी आप अपने घर के अंदर या बालकनी में खास पौधों को लगाकर हरियाली ला सकते हैं। यहाँ उन चुनिंदा पौधों की सूची दी गई है जो कम जगह में भी आपके घर की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देंगे।
बरसात में आपके गार्डन की रौनक बढ़ा देंगे ये 5 खास पौधे, कम मेहनत में पाएंगे भरपूर हरियाली
मानसून का सीजन बागवानी के शौकीनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस दौरान कुछ चुनिंदा पौधों की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है, जो आपके घर की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं।
गाजियाबाद में बनेगा देश का सबसे बड़ा मिनी फॉरेस्ट: सेना की 48 एकड़ जमीन पर 7 लाख पौधे रोपकर तैयार होगा ऑक्सीजन हब
गाजियाबाद नगर निगम विजयनगर के 48 एकड़ शीशम ग्राउंड में मियावाकी तकनीक से एक विशाल मिनी फॉरेस्ट विकसित कर रहा है, जहाँ 270 प्रजातियों के 7 लाख पौधे हवा की गुणवत्ता में सुधार करेंगे।
घर की खाली दीवार पर सजाएं अपना वर्टिकल गार्डन, कम जगह में उगाएं ढेरों पौधे
शहरों के छोटे घरों में जगह की कमी को देखते हुए वर्टिकल गार्डन एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। इस तकनीक की मदद से आप अपनी बालकनी या घर की दीवारों को हरियाली से भर सकते हैं।
जुड़ गांव में अनूठी पहल: 363 शहीदों की याद में खेजड़ी उद्यान, सीड बॉल्स से उगेगी हरियाली
जोधपुर के जुड़ गांव में पर्यावरण प्रेमी भजनलाल विश्नोई ने 363 शहीदों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए खेजड़ी की सीड बॉल्स तैयार कर गवाई नाड़ी के पास सार्वजनिक भूमि पर रोपी हैं। इस प्राकृतिक तकनीक से कम संसाधनों में अधिक पौधे तैयार कर मरुस्थल में हरियाल...
ऋषिकेश का 'आम बाग': जानिए कैसे पड़ा इस इलाके का यह अनोखा नाम
ऋषिकेश के 'आम बाग' इलाके का नाम कई दशक पहले यहां फैले आम के घने बागों के कारण पड़ा। आबादी बढ़ने और मकान बनने के बावजूद यह नाम और कई पुराने आम के पेड़ आज भी इसकी पहचान को जीवित रखे हुए हैं।
सरहद के इस माड़साहब ने बदली धरती की रंगत, पहली तनख्वाह से बोई थी हरियाली की नींव
बाड़मेर के शिक्षक भैराराम भाखर बीते 26 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण को मिशन बनाकर जुटे हैं और अब तक करीब 4.65 लाख पौधे लगा चुके हैं। पहली सरकारी तनख्वाह से शुरू हुआ उनका यह सफर हर परिवार को प्रकृति से जोड़ने के संकल्प तक पहुंच गया है।
मुजफ्फरपुर का 150 साल पुराना वटवृक्ष: भीषण गर्मी में लोगों के लिए बना राहत का सहारा
मुजफ्फरपुर के कंबाइंड बिल्डिंग परिसर में मौजूद करीब 150 साल पुराना विशाल वटवृक्ष इन दिनों भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए प्राकृतिक राहत का बड़ा केंद्र बन गया है। यह पेड़ शहर की ऐतिहासिक धरोहर के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का जीवंत संदेश भी है।
खंडवा के गुड़ी जंगल में लौटी हरियाली, बंजर जमीन पर अब लहलहा रहे बांस के पौधे
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में कभी अतिक्रमण और अवैध कटाई से उजड़ चुकी जमीन वन विभाग के अभियान के बाद फिर हरे-भरे जंगल में बदल रही है। करीब 400 हेक्टेयर क्षेत्र में 35 हजार से ज्यादा बांस के पौधे रोपे गए हैं।
डिटर्जेंट के पैकेट, घी का टिन और प्लास्टिक के डिब्बे बने गमले, सरिता का बगीचा देखने पहुंच रहे लोग
कोडरमा की गृहिणी सरिता विजय घरेलू प्लास्टिक कचरे को गमलों में बदलकर छत पर हरा-भरा बगीचा सजा रही हैं, जिसे देखने दूर-दूर से लोग आते हैं और कई परिवार इस पहल से प्रेरित हो रहे हैं।
खैरथल का 'ट्री-मैन' सुरेंद्र: 46 साल से बिना फोन और वाहन के लगा रहे हरियाली की मुहिम, बदल दी पहाड़ों की सूरत
खैरथल-तिजारा के पेहल गांव के सुरेंद्र सैन पिछले 46 वर्षों से बिना मोबाइल और वाहन के पर्यावरण संरक्षण में जुटे हैं और अब तक 1.10 लाख से अधिक पौधे लगा चुके हैं। तपती गर्मी में 8-10 किमी दूर से पानी लाकर वे पहाड़ों पर पौधों को सींचते हैं।