बिहार
एक घंटा पहले
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बिहार के मुंगेर जिले से सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ की स्थानीय पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सीमा पार के एक बेहद संदिग्ध और खतरनाक नेटवर्क से जुड़े युवक को धर-दबोचा है। पुलिस के दावों के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी सीधे तौर पर सीमा पार सक्रिय एक पाकिस्तानी गैंगस्टर 'राणा भाई' के संपर्क में बना हुआ था। वह अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर इलाके में किसी बड़ी और खौफनाक आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। इस बेहद संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए अब केंद्रीय जांच और सुरक्षा एजेंसियां भी एक्टिव हो गई हैं और मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं।
देर रात पुलिस की छापेमारी में हत्थे चढ़ा आरोपी
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को मुंगेर जिले के तारापुर थाना क्षेत्र के तहत आने वाले मिलिक थानपुर गांव में एक संदिग्ध युवक के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली थी। इस गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस बल ने देर रात ही पूरे गांव की घेराबंदी कर ली। पुलिस टीम ने जब संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की, तो वहां मौजूद मोहम्मद सद्दाम नाम के युवक ने पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की।
भागते समय आरोपी सद्दाम ने पास की झाड़ियों में एक देसी पिस्तौल छिपाने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने उसकी इस कोशिश को नाकाम करते हुए उसे रंगे हाथों दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से वह देसी पिस्तौल बरामद कर ली है। इसके साथ ही आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जो इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में सबसे अहम कड़ी साबित हो रहा है।
पाकिस्तानी गैंगस्टर 'राणा भाई' से जुड़े हैं सद्दाम के तार
गिरफ्तार किए गए आरोपी मोहम्मद सद्दाम से जब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ाई से पूछताछ की, तो कई बेहद चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे हुए। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी मोहम्मद सद्दाम पिछले दो से तीन वर्षों से महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में रह रहा था। मुंबई प्रवास के दौरान ही वह सीमा पार के एक बेहद संदिग्ध और देश विरोधी नेटवर्क के संपर्क में आया था।
यहीं पर उसकी बातचीत पाकिस्तानी गैंगस्टर 'राणा भाई' नाम के एक शख्स से शुरू हुई। पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपी के पास से बरामद मोबाइल फोन से कई ऐसे पाकिस्तानी नंबर मिले हैं, जिनसे वह लगातार बातचीत करता था। इसके अलावा, सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए भी इस संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े होने के बेहद पुख्ता और महत्वपूर्ण सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं।
BNS और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के अनुसार, मोहम्मद सद्दाम अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एक बड़े आतंकी मंसूबे पर काम कर रहा था। फिलहाल उसके दोनों साथी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और फरार चल रहे हैं। मुंगेर पुलिस फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
इस पूरे मामले को लेकर मुंगेर पुलिस ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 113(3)(5) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
जांच में जुटीं देश की बड़ी केंद्रीय एजेंसियां
मुंगेर पुलिस इस पूरे मामले को सुरक्षा के नजरिए से अत्यंत संवेदनशील मान रही है। यही वजह है कि मामले के हर एक पहलू की बेहद बारीकी और गहराई से तफ्तीश की जा रही है। इस नेटवर्क की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ फेंकने के लिए पुलिस के उच्च अधिकारियों के साथ-साथ अब देश की प्रमुख केंद्रीय जांच और सुरक्षा एजेंसियां भी इस जांच में शामिल हो गई हैं।
पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जांच अभी बिल्कुल शुरुआती दौर में है। आरोपी के जब्त मोबाइल फोन से बरामद किए गए डेटा, चैट्स और अन्य डिजिटल दस्तावेजों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। जांच एजेंसियां इन सभी जानकारियों का बारीकी से सत्यापन कर रही हैं ताकि इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का पूरी तरह से भंडाफोड़ किया जा सके और इसके पीछे के असली चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
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