झारखंड
एक घंटा पहले
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गंगा के रास्ते औद्योगिक उपकरणों का परिवहन
झारखंड के साहिबगंज और बिहार के मनिहारी गंगा घाट के बीच सोमवार का दिन काफी रोमांचक रहा। गंगा नदी के शांत जल में जब तीन विशाल मालवाहक जहाज एक साथ गुजरे, तो वहां मौजूद लोगों की नजरें उन पर टिक गईं। इन जहाजों का आकार और उन पर लदे भारी-भरकम उपकरण किसी के लिए भी कौतूहल का विषय थे। ये कोई सामान्य जहाज नहीं थे, बल्कि इन पर बड़े-बड़े रिएक्टर और वैक्यूम टॉवर लदे हुए थे, जो देखने में किसी विशालकाय पहाड़ जैसे लग रहे थे। इन्हें गंगा के रास्ते गुजरते हुए देखना स्थानीय लोगों के लिए एक अद्भुत और नया अनुभव था।
मोबाइल में कैद हुआ ऐतिहासिक नजारा
नदी के तट पर मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने जब इन बाहुबली जहाजों को देखा, तो वे अपनी हैरानी छिपा नहीं सके। इन जहाजों का विशालकाय स्वरूप देखकर लोग हैरान थे। देखते ही देखते घाट के किनारे भारी भीड़ जमा हो गई। इस अनोखे नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने के लिए लोगों में होड़ मच गई। स्थानीय युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने इन जहाजों की तस्वीरें और वीडियो बनाए। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी जमकर साझा किए जा रहे हैं और लोग इन उपकरणों के आकार को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
रिफाइनरी के काम आएंगे ये विशाल रिएक्टर
जानकारों का कहना है कि जहाजों पर लदे ये वैक्यूम टॉवर और रिएक्टर किसी साधारण चीज का हिस्सा नहीं हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से बड़ी रिफाइनरी इकाइयों और पेट्रोलियम संयंत्रों में किया जाता है। इनका वजन और आकार इतना अधिक होता है कि इन्हें सड़क मार्ग से ले जाना न केवल मुश्किल होता है, बल्कि जोखिम भरा भी हो सकता है। इसी कारण इन्हें सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए गंगा के जलमार्ग का सहारा लिया गया है। जल परिवहन की सुगमता और सुरक्षा के कारण ही इतने भारी उपकरणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से ले जाया जा पा रहा है।
आंतरिक जलमार्ग की बढ़ती ताकत
इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत में आंतरिक जलमार्ग व्यापार और बड़े माल की ढुलाई के लिए कितना प्रभावी साबित हो रहा है। सड़क परिवहन पर बढ़ते दबाव के बीच, इस तरह का जल-परिवहन व्यापार को नई गति दे रहा है। भारी औद्योगिक उपकरणों की गंगा के रास्ते आवाजाही यह दर्शाती है कि आने वाले समय में माल ढुलाई के लिए जलमार्गों का उपयोग और अधिक बढ़ेगा। फिलहाल, साहिबगंज और आसपास के क्षेत्रों में ये विशाल जहाज लोगों के बीच कौतूहल और चर्चा का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और जलमार्ग विभाग के लिए भी इस तरह की सफल ढुलाई विकास के नए रास्तों को खोलने वाली मानी जा रही है।
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