बिहार
3 घंटे पहले
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डिजिटल जॉब के नाम पर धोखाधड़ी का बड़ा मामला
बिहार के मुंगेर जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक हाई-प्रोफाइल डिजिटल जॉब फ्रॉड मामले में सख्त कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन ठगों के खिलाफ शिकंजा कसा है, जिन्होंने डिजिटल नौकरी और निवेश को दोगुना करने का लालच देकर सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया। ईडी की पटना जोनल टीम ने इस मामले में जिले के पाँच अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह ठगी का एक व्यवस्थित जाल था, जिसे काफी सोच-समझकर बिछाया गया था।
क्या था ठगी का पूरा तरीका
जांच एजेंसी के अनुसार, एम/एस जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (M/s Jollywood Music Industries Pvt. Ltd.) के संचालक जितेंद्र कुमार राजीव और उनके साथियों ने आम जनता को निवेश के लिए उकसाया। इन ठगों ने लोगों को डिजिटल जॉब का झांसा दिया, जिसमें निवेश और मोटी कमाई का वादा किया गया था। इस योजना में शामिल होने के लिए निवेशकों से 2 लाख 56 हजार 500 रुपये की भारी भरकम राशि जमा कराई जाती थी। बदले में उन्हें यह आश्वासन दिया जाता था कि उन्हें कंपनी की वेबसाइट पर रोजाना ऑडियो और वीडियो देखने होंगे। कंपनी ने दावा किया था कि अगर कोई निवेशक महीने भर में 4,800 ऑडियो और वीडियो देख लेता है, तो उसे प्रतिमाह 15 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा। साथ ही, अधिक सक्रियता दिखाने पर बोनस और नए लोगों को जोड़ने पर बाइक या कार जैसे महंगे इनाम देने का प्रलोभन भी दिया गया था।
सॉफ्टवेयर की मदद से निवेशकों को किया गुमराह
ईडी की पड़ताल में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के जरिए अपनी वेबसाइट की गति को जानबूझकर बहुत धीमा कर दिया था। इसके पीछे की मंशा यह थी कि कोई भी निवेशक तय समय सीमा के भीतर 4,800 ऑडियो और वीडियो देखने का कठिन लक्ष्य पूरा न कर पाए। जब निवेशक शर्तें पूरी करने में विफल हो जाते थे, तो कंपनी भुगतान करने से साफ इनकार कर देती थी। एजेंसी का मानना है कि यह कोई तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि निवेशकों का पैसा हड़पने के लिए रची गई एक पूरी तरह से सुनियोजित साजिश थी।
कानूनी कार्रवाई और एफआईआर का आधार
इस पूरे मामले की शुरुआत मुंगेर थाने में दर्ज हुई एक एफआईआर से हुई। दिनांक 18 नवंबर 2024 को मुंगेर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसका एफआईआर नंबर 5113022240224 है। स्थानीय पुलिस ने इस मामले में पहले ही अपनी चार्जशीट अदालत में जमा कर दी है। इसी आधार को केंद्र में रखकर अब प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत अपनी जांच का दायरा बढ़ाया है।
छापेमारी और आगे की प्रक्रिया
मुंगेर के विभिन्न इलाकों में स्थित पाँच ठिकानों पर ईडी की छापेमारी का काम जोर-शोर से चल रहा है। जांच अधिकारी इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड्स, सर्वर डेटा और अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा करने में जुटे हैं। ईडी का कहना है कि यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और सबूत मिलने के बाद इसमें शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने लोगों को सचेत किया है कि किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नौकरी या निवेश के नाम पर पैसा लगाने से पहले पूरी सावधानी बरतें। फिलहाल छापेमारी की कार्रवाई जारी है और विभाग इस पूरे रैकेट की कड़ियों को आपस में जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
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