मुरैना में डिप्टी कलेक्टर पर यौन शोषण का आरोप, शादी का भरोसा देकर बनाए संबंध; पुलिस ने किया गिरफ्तार
मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में तैनात डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर को पुलिस ने उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब एक महिला ने उन पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपी अधिकारी को अदालत के सामने पेश किया। मुरैना के पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के मुताबिक, बुधवार को महिला सिविल लाइन थाने पहुंची और लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में उसका कहना था कि एक सरकारी अधिकारी ने शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में विवाह करने से इनकार कर दिया।
महिला और आरोपी अधिकारी का मेडिकल परीक्षण
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायत मिलते ही महिला थाना प्रभारी ने पीड़िता से बातचीत कर मामले की शुरुआती पड़ताल की। आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69, 351(1), 351(3) और 225 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि FIR दर्ज होते ही महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर उसका भी मेडिकल कराया गया और गुरुवार को उसे जिला न्यायालय में पेश कर दिया गया।
एक साल पहले शादी का वादा करने का आरोप
सिविल लाइन थाना प्रभारी उदयभान यादव ने बताया कि महिला का कहना है कि करीब एक साल पहले आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया था और इसी भरोसे पर उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी लगातार विवाह का आश्वासन देता रहा, मगर अब उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। महिला की शिकायत पर ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। दूसरी ओर, गिरफ्तार डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए इसे ब्लैकमेल करने की कोशिश बताया है।
आरोपी का दावा- महिला ने सोशल मीडिया पर खुद किया था संपर्क
मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाते समय माहौर ने कहा कि पूरा मामला उनके पद का गलत फायदा उठाकर उन्हें ब्लैकमेल करने की मंशा से गढ़ा गया है। उनका दावा है कि महिला ने ही सोशल मीडिया के जरिए उनसे संपर्क किया और दोस्ती का प्रस्ताव रखा था। माहौर के अनुसार, दोनों के बीच दोस्ती हुई और बातचीत का सिलसिला चला, इस दौरान महिला दो-तीन बार उनके घर भी आई। उन्होंने जोर देकर कहा कि शादी को लेकर कभी कोई वादा नहीं किया गया। उनका आरोप है कि अब महिला उन्हीं चैट और बातचीत को सबूत बनाकर उन पर दबाव डालने की कोशिश कर रही है।
पिछले साल सीएम यादव ने किया था निलंबित
माहौर ने यह भी आरोप जड़ा कि महिला ने उनसे पैसों की मांग की थी और मांग पूरी न होने पर जीवन बर्बाद करने की धमकी दी थी। उनका कहना है कि अपने दावों के समर्थन में उनके पास सबूत मौजूद हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर वे सामने रखेंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले साल सितंबर में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला से कथित दुर्व्यवहार और पटवारियों के कथित अवैध तबादलों से जुड़ी शिकायतों के आधार पर अरविंद माहौर को निलंबित कर दिया था। उस दौरान वे मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील में SDM के पद पर तैनात थे।
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