उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
पीतल की खनक के लिए दुनियाभर में पहचानी जाने वाली मुरादाबाद की 'पीतल नगरी' के कारीगरों की मेहनत और हुनर की कहानियां हमेशा से प्रेरणा का स्रोत रही हैं। इन्हीं में एक नाम है यहां के युवा पीतल कारोबारी गुलनवाज का, जिन्होंने सीमित साधनों के बावजूद कामयाबी की एक नई इबारत लिख दी है।
छोटी पूंजी से बड़ी शुरुआत
गुलनवाज ने अपने सफर की शुरुआत महज 25 हजार रुपये की मामूली रकम से की थी। उनके पास पैसा भले ही सीमित था, लेकिन पिता से विरासत में मिला कारीगरी का हुनर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। इसी हुनर को उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के साथ जोड़कर कारोबार की नींव रखी।
दस साल की मेहनत का नतीजा
लगातार 10 साल तक की गई कड़ी मेहनत आज रंग ला रही है। जो काम कभी एक छोटे से व्यवसाय के रूप में शुरू हुआ था, वह अब 15 लाख रुपये के सालाना टर्नओवर तक पहुंच चुका है। यह उपलब्धि उनके दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम की मिसाल है।
महानगरों तक पहुंची मांग
गुलनवाज के बनाए होम डेकोरेशन उत्पादों की मांग अब देश के बड़े महानगरों में तेजी से बढ़ रही है। उनके तैयार किए गए सजावटी सामान को बड़े शहरों में खूब पसंद किया जा रहा है, जिससे उनका कारोबार लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
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