मेरठ मुद्रा महोत्सव: अठन्नी-चवन्नी पर लग रही हजारों की बोली, देखें अनोखे सिक्कों का संग्रह उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 3
क्रांति की नगरी मेरठ में चल रहे मुद्रा महोत्सव में एक रुपए के नोट के लिए लोग हजारों रुपए चुका रहे हैं। यहां सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर मुगलकाल और आधुनिक भारत तक के दुर्लभ सिक्कों और नोटों का संग्रह आकर्षण का केंद्र बना है।

क्रांति की नगरी के नाम से मशहूर मेरठ में इन दिनों एक ऐसा आयोजन सुर्खियों में है, जहां पुराने सिक्के और नोट लोगों को खूब लुभा रहे हैं। मेरठ मुद्रा महोत्सव में एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है, जहां लोग एक रुपए का नोट हासिल करने के लिए हजारों रुपए तक चुकाने को तैयार हैं। सुनकर हैरानी जरूर होती है, लेकिन यह बिल्कुल सच है। इस महोत्सव में तरह-तरह के दुर्लभ नोटों और सिक्कों का संग्रह मौजूद है, जिसे पाने के लिए लोगों में जबरदस्त क्रेज दिख रहा है।

अनोखे सिक्कों का दुर्लभ संग्रह

महोत्सव में अठन्नी और चवन्नी के साथ-साथ विभिन्न सल्तनतों के हजार वर्ष पुराने अनोखे सिक्कों का संग्रह चर्चा का केंद्र बना हुआ है। पुराने संग्रह को सहेजने वाले लोगों में इन दुर्लभ सिक्कों को खरीदने को लेकर खासी जिज्ञासा देखने को मिल रही है। जिन सिक्कों के बारे में युवाओं ने कभी किताबों में पढ़ा होगा, वे सभी सिक्के यहां मौजूद हैं।

सिंधु घाटी से मुगलकाल तक का इतिहास

इस संग्रह की खासियत यह है कि इसमें सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर मुगलकाल में अकबर द्वारा जारी किए गए सिक्के तक शामिल हैं। इसके अलावा अलग-अलग दौर में विभिन्न राजाओं ने अपने शासनकाल में जो सिक्के जारी किए, वे सभी इस महोत्सव में देखने को मिल रहे हैं।

भले ही देखने में ये सिक्के छोटे और मामूली लगें, लेकिन इनकी कीमत अनमोल है। यही वजह है कि पुराने संग्रह को इकट्ठा करने वाले लोगों में इन्हें खरीदने का खासा उत्साह रहता है। यह यूनिक कलेक्शन उन्हें बाकी लोगों से अलग पहचान देता है।

एक रुपए के नोट की कीमत 500 रुपए से ज्यादा

मुद्रा महोत्सव में एक रुपए, दो रुपए, 5 और 10 रुपए से लेकर 2000 रुपए तक के नोटों की यूनिक कलेक्शन गड्डियां सीरियल वाइज मौजूद हैं। इन गड्डियों की कीमत अपने वास्तविक रेट की तुलना में 10 गुना अधिक तक पहुंच जाती है। यानी एक रुपए का नोट भी दुर्लभ संग्रह में होने के कारण 500 रुपए से अधिक कीमत में बिक रहा है।

विदेशी सिक्कों का संग्रह और एंट्री टिकट

इस महोत्सव में भारत सरकार के साथ-साथ विदेशों में भी विभिन्न महत्वपूर्ण पर्वों के अवसर पर जारी किए गए सिक्कों का अनोखा संग्रह मौजूद है। हालांकि इसमें प्रवेश के लिए 100 रुपए का टिकट रखा गया है, ताकि सिर्फ वास्तविक रुचि रखने वाले लोग ही यहां तक पहुंच सकें। वाकई, यह संग्रह अपने आप में कमाल का है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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