उपनाम: शहद उत्पादन
बेरोजगारी से तंग आकर शुरू किया मधुमक्खी पालन, आज हर साल 250 क्विंटल शहद का उत्पादन कर कमा रहे हैं लाखों
जहानाबाद के संतोष कुमार केसरी ने ग्रेजुएशन के बाद नौकरी न मिलने पर मधुमक्खी पालन को अपना पेशा बनाया। आज वे सैकड़ों बॉक्स के जरिए भारी मात्रा में शहद उत्पादन कर रहे हैं और आत्मनिर्भर बन गए हैं।
सरकारी योजना से बदली 5 किसानों की किस्मत, मधुमक्खी पालन से हो रही तगड़ी कमाई
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में उद्यान विभाग की 'पहले आओ, पहले पाओ' योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है, जहां मधुमक्खी पालन कर किसान लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं।
मुरादाबाद: शहद की खेती से किसान कैलाश कुमार ने बदली अपनी किस्मत, लाखों की कर रहे कमाई
मुरादाबाद जिले के एक प्रगतिशील किसान कैलाश कुमार पारंपरिक खेती को छोड़ शहद के उत्पादन से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहे हैं। वे एफपीओ के जरिए न केवल खुद कमाई कर रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी आत्मनिर्भर बना रहे हैं।
मधुमक्खी पालन बना किसानों के लिए कमाई का जरिया, 50 बक्सों से 3 लाख तक आमदनी और 40% सब्सिडी का मौका
उद्यान विभाग मधुमक्खी पालन पर 40% तक सब्सिडी दे रहा है। 50 बक्सों से शुरुआत कर किसान करीब 3,00,000 रुपये तक की सालाना कमाई कर सकते हैं और फसल उत्पादन भी बढ़ा सकते हैं।
सक्सेस स्टोरी: मधुमक्खी पालन से सालाना ₹500000 की कमाई, किसान राजकिशोर ने यूं बदली अपनी तकदीर
छपरा के किसान राजकिशोर पटेल ने 1990 में महज 10 पेटी से मधुमक्खी पालन शुरू किया और आज 300 से अधिक पेटी के साथ हर साल घर बैठे 5 लाख रुपये कमा रहे हैं।
तीन पीढ़ियों से मधुमक्खी पालन, बक्सों के साथ खेतों में डेरा डालने वाले इन लोगों की दिलचस्प तरकीब
अंबाला के बराड़ा इलाके में यमुनानगर से पहुंचे मधुमक्खी पालक फूलों की उपलब्धता के हिसाब से जगह-जगह घूमते हैं और सरसों-सूरजमुखी जैसे फूलों वाले खेतों में अपने लकड़ी के बक्से लेकर पहुंच जाते हैं।