'ट्रंप समझौते के लिए बेताब थे', ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई का बड़ा दावा; अमेरिकी राष्ट्रपति ने 300 अरब डॉलर की 'फेक न्यूज़' पर दी सफाई विश्व एक घंटा पहले 4
अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद, ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। खामेनेई ने कहा कि ट्रंप समझौते के लिए 'बेताब' थे, जबकि ट्रंप ने ईरान को 300 अरब डॉलर के भुगतान की खबरों को 'फेक न्यूज़' बताया।

अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने के अगले ही दिन, ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप इस समझौते को लेकर "बेताब" थे और इसे पूरा करने के लिए उन्होंने "हर तरह के हथकंडे" अपनाए।

गुरुवार को ईरानी लोगों को संबोधित करते हुए, खामेनेई ने बताया कि वे शुरू में इस समझौते के "सिद्धांत के तौर पर" खिलाफ थे। हालांकि, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इससे देश और "रेज़िस्टेंस फ्रंट" के हितों की रक्षा होगी, जिसके बाद उन्होंने इसे मंज़ूरी दे दी।

ईरान के सुप्रीम लीडर का बयान

मुज्तबा खामेनेई ने साफ किया कि अमेरिका के साथ हुए इस समझौते पर उन्हें कुछ शंकाएं थीं। उन्होंने कहा कि समझौता ज्ञापन (MoU) को लेकर उनकी "राय अलग" थी। लेकिन, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने जब यह आश्वासन दिया कि तेहरान के हितों को कोई नुकसान नहीं होगा, तब उन्होंने आखिरकार समझौते को हरी झंडी दे दी।

ट्रंप ने क्यों कहा: ईरान को 300 अरब डॉलर का कोई भुगतान नहीं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 300 अरब डॉलर के भुगतान की खबरों को "फेक न्यूज़" करार दिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा, "अमेरिका की तरफ़ से ईरान को 300 अरब डॉलर का कोई पेमेंट नहीं किया जा रहा है। यह फेक न्यूज़ है!"

ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका शांति के लिए प्रतिबद्ध है और मध्य पूर्व क्षेत्र के सभी लोगों से अपील करता है कि वे बातचीत को आगे बढ़ने दें। उन्होंने बाज़ारों की खुशी का ज़िक्र करते हुए कहा कि तेल की कीमतें बहुत कम हो गई हैं और स्टॉक की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। ट्रंप ने लेबनान, हिज़्बुल्लाह और इज़राइल सहित सभी मोर्चों पर पूर्ण युद्धविराम की उम्मीद भी जताई। उन्होंने इन खबरों को "डेमोक्रेट्स का प्रोपेगैंडा" बताते हुए कहा, "अमेरिका के लिए तो बस कामयाबी, तेल की कम कीमतें और जीत ही है। स्टॉक मार्केट देखिए।"

ट्रंप के दूत ने सांसदों को क्या बताया?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दूत स्टीव विटकोफ ने अमेरिकी सांसदों को एक गोपनीय ब्रीफिंग में बताया कि ईरान अपनी परमाणु साइटों की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) की परमाणु निगरानी एजेंसी को आमंत्रित करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि तेहरान संवर्धित (enriched) यूरेनियम वाले स्थानों की पहचान करने और उनका पता लगाने का काम शुरू करेगा। इस बंद कमरे में हुई बातचीत की जानकारी 'द एसोसिएटेड प्रेस' (AP) को नाम न बताने की शर्त पर दो लोगों ने दी।

'साइड डील' नहीं, 'साइड लेटर' था शामिल

विटकोफ ने गुरुवार को कांग्रेस के नेताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कमेटियों के सदस्यों को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में कोई "साइड डील" शामिल नहीं थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान और इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के बीच एक "साइड लेटर" तैयार किया गया था, जिसमें परमाणु निरीक्षकों को आमंत्रित किया गया है।

जानकारी देने वाले सूत्रों के अनुसार, विटकोफ ने ब्रीफिंग के दौरान उस पत्र और निमंत्रण के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि IAEA के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी को भेजे गए इस पत्र से अमेरिकी परमाणु निरीक्षकों को तेहरान जाने में मदद मिलेगी।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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