‘इनके तिलों में तेल नहीं’, कंगना रनौत और अनुराग ठाकुर समेत अपनी ही पार्टी के चारों सांसदों पर बरसे भाजपा विधायक अनिल शर्मा, मुख्यमंत्री सुक्खू की जमकर की तारीफ हिमाचल प्रदेश 4 घंटे पहले 2
हिमाचल प्रदेश के मंडी सदर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने विकास कार्यों में मदद न करने पर अपनी ही पार्टी के चारों सांसदों पर निशाना साधा है और बजट मंजूर करने के लिए कांग्रेस के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सराहना की है।

हिमाचल प्रदेश की सियासत में इन दिनों एक नया भूचाल आ गया है। मंडी सदर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक और पूर्व मंत्री अनिल शर्मा ने अपनी ही पार्टी के सांसदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक सार्वजनिक मंच से अपनी ही पार्टी के चारों लोकसभा सांसदों पर निशाना साधते हुए अनिल शर्मा ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने मंडी से सांसद कंगना रनौत और हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर सहित राज्य के सभी भाजपा सांसदों को आड़े हाथों लिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के कांग्रेस मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के काम की जमकर सराहना की है, जिससे राज्य में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पार्किंग के बजट को लेकर छिड़ा विवाद

यह पूरा मामला मंडी जिले के कोट-तुंगल क्षेत्र के कोटली में आयोजित एक खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह के दौरान सामने आया। जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने खुलकर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने बताया कि कोटली क्षेत्र में एक पार्किंग के निर्माण के लिए करीब दो करोड़ रुपये की आवश्यकता थी। इस विकास कार्य के लिए उन्होंने अपनी ही पार्टी के चारों सांसदों से 25-25 लाख रुपये की आर्थिक मदद मांगी थी।

अनिल शर्मा के मुताबिक, जब अपनी ही पार्टी के सांसदों से उन्हें कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया या वित्तीय मदद नहीं मिली, तो उन्हें मजबूरन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का रुख करना पड़ा। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने कोटली में पार्किंग की समस्या और बजट की कमी का मामला रखा। मुख्यमंत्री ने तत्परता दिखाते हुए इस परियोजना के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी, जिसके बाद अब पार्किंग का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है।

'इनके तिलों में तेल नहीं' - अनिल शर्मा का तीखा तंज

मुख्यमंत्री से मिली मदद के बाद भाजपा विधायक ने मंच से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की जमकर तारीफ की। इसके विपरीत, उन्होंने अपनी ही पार्टी के सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा, "इनके तिलों में तेल नहीं है।" उन्होंने तंज कसते हुए आगे कहा कि यह मंडी सदर के विधायक का ही खौफ है कि यहां के विकास कार्यों के लिए लगातार पैसा आ रहा है।

इसके अलावा, अनिल शर्मा ने कोटली में कॉलेज भवन के निर्माण के लिए भी 80 लाख रुपये की राशि मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिन विकास कार्यों का शिलान्यास उन्होंने खुद किया है, उन्हें पूरा करवाने के लिए वह लगातार प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस साल किसी कारणवश राशि नहीं मिल पाती है, तो वह अगले साल भी इन कार्यों को पूरा करवाने के लिए अपनी कोशिशें जारी रखेंगे।

भाजपा के भीतर तालमेल की कमी उजागर

अनिल शर्मा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। राज्य की चारों सीटों का प्रतिनिधित्व भाजपा सांसद ही कर रहे हैं:

  • मंडी लोकसभा सीट से अभिनेत्री और भाजपा नेता कंगना रनौत सांसद हैं।
  • हमीरपुर से पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर सांसद हैं।
  • कांगड़ा सीट से डॉक्टर राजीव भारद्वाज सांसद हैं।
  • शिमला लोकसभा सीट से सुरेश कश्यप प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

ऐसे माहौल में, भाजपा के एक कद्दावर विधायक द्वारा अपनी ही पार्टी के सांसदों पर विकास कार्यों में सहयोग न करने का सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना और विपक्षी दल के मुख्यमंत्री की तारीफ करना, संगठन के भीतर आपसी तालमेल पर बड़े सवाल खड़े करता है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर भाजपा के भीतर गुटबाजी और सांसदों व विधायकों के बीच संवादहीनता को पूरी तरह उजागर कर दिया है।

कौन हैं अनिल शर्मा? जानिए उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि

अनिल शर्मा हिमाचल प्रदेश की राजनीति का एक बेहद रसूखदार नाम हैं। वह देश के पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री पंडिट सुखराम के सुपुत्र हैं। पंडित सुखराम का हिमाचल प्रदेश और खासकर मंडी जिले की राजनीति में एक छत्र राज रहा है। अनिल शर्मा खुद पहले कांग्रेस में थे और बाद में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।

पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान वह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कैबिनेट में मंत्री भी रहे थे। हालांकि, उनके राजनीतिक जीवन में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उनके बेटे ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा। इसके चलते अनिल शर्मा को अपनी मंत्री पद की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। इस सबके बावजूद, मंडी सदर क्षेत्र में उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। वर्तमान समय में विपक्ष में होने के बावजूद, वह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार से अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए भारी-भरकम बजट मंजूर करवाने में कामयाब रहे हैं, जो उनकी राजनीतिक कुशलता को दर्शाता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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