राष्ट्रीय राजनीति
2 घंटे पहले
5
विचारों
देशभर में बारिश का नया दौर
भारत के विभिन्न राज्यों में एक सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण अगले 6 दिनों तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। भारतीय मौसम विभाग यानी IMD ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि बंगाल की खाड़ी के पास एक नया सिस्टम सक्रिय हुआ है। इसके अलावा पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बनने से मानसून की सक्रियता बढ़ गई है। विभाग का मानना है कि इसका असर देश के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिलेगा और कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। खास बात यह है कि इन क्षेत्रों में मानसून को प्रभावित करने वाले किसी भी नकारात्मक कारक का असर फिलहाल नहीं पड़ रहा है, जिससे खेती और जनजीवन के लिए अच्छी बारिश की उम्मीद बनी हुई है।
मध्य भारत और छत्तीसगढ़ का मौसम
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। 21 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश के चुनिंदा स्थानों पर बहुत भारी बारिश की पूरी संभावना है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश होने के आसार हैं। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 22 से 26 अगस्त के बीच लगातार भारी वर्षा का दौर देखा जा सकता है। इसी तरह, छत्तीसगढ़ में 26 अगस्त तक बारिश का क्रम बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 24 अगस्त तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में गर्जना के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, जिसके प्रति लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत की स्थिति
उत्तर भारत की बात करें तो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 23 अगस्त तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। हिमाचल प्रदेश में 22 अगस्त तक और उत्तराखंड में 26 अगस्त तक भारी वर्षा का असर रहेगा। उत्तराखंड में गरज-चमक और बिजली गिरने के प्रति विशेष चेतावनी जारी की गई है। दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब जैसे क्षेत्रों में 22 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 से 26 अगस्त के दौरान झमाझम बारिश होने का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर के लिए मुश्किल
दूसरी ओर, देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए मौसम फिलहाल बहुत अनुकूल नहीं है। यहाँ इस सप्ताह बारिश की संभावना काफी कम है। हालांकि, रविवार को छिटपुट या हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है, लेकिन उसके बाद मौसम शुष्क रहने की आशंका है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले सप्ताह से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिसके कारण दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों का हाल
पूर्वी भारत में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की रफ्तार तेज रहेगी। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 26 अगस्त तक व्यापक बारिश होने की भविष्यवाणी की गई है। ओडिशा में 21 से 26 अगस्त के बीच जोरदार बारिश होगी, जिसमें 23 अगस्त को बहुत भारी बारिश की भी आशंका है। झारखंड और पश्चिम बंगाल में 22 से 26 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। बिहार में 22 से 24 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का दौर रहेगा। पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 22 अगस्त तक भारी वर्षा के आसार हैं, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 26 अगस्त तक बारिश बनी रहेगी।
पश्चिमी तट और दक्षिण भारत
पश्चिमी तट पर कोंकण और गोवा में 26 अगस्त तक बारिश का व्यापक असर देखा जाएगा। वहीं, गुजरात, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ में छिटपुट बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय कर्नाटक में 26 अगस्त तक व्यापक वर्षा होगी। केरल और माहे में 23 से 26 अगस्त के बीच बारिश का दौर जारी रहेगा। तमिलनाडु, कराईकल और पुडुचेरी में 24 से 25 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और रायलसीमा में 24 अगस्त तक तेज हवाओं और बिजली के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है।
नागरिकों के लिए सलाह
भारतीय मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहां स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अनावश्यक रूप से जलभराव वाले इलाकों या संवेदनशील स्थानों पर जाने से बचने के लिए कहा गया है। बिजली कड़कने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और प्रशासन द्वारा जारी की गई चेतावनियों को नजरअंदाज न करें।
Comments
0 comment