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एक घंटा पहले
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भारतीय ऑलराउंडर मानव सुथार ने अपने पहले ही टेस्ट मुकाबले में बल्ले और गेंद दोनों से ऐसा प्रदर्शन किया कि हर कोई उनका कायल हो गया। अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए इकलौते टेस्ट में डेब्यू करते हुए उन्होंने पहली पारी में 6 विकेट चटकाकर दिग्गज खिलाड़ियों की सूची में अपनी जगह पक्की कर ली। इस मैच में सुथार ने 28 रन बनाए और कुल मिलाकर 7 विकेट अपने नाम किए, जिसके दम पर उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
पहली पारी में 6 विकेट, अफगानिस्तान 152 पर ढेर
पहली पारी में मानव सुथार की धारदार गेंदबाजी (6/33) के सामने अफगानिस्तान की पूरी टीम महज 152 रन पर सिमट गई। दूसरी पारी में मेहमान टीम का प्रदर्शन और भी निराशाजनक रहा। तीसरे दिन फॉलोऑन के लिए मजबूर हुई अफगानिस्तान सिर्फ 112 रन पर ऑल आउट हो गई। इस तरह भारत ने पारी और 300 रन के अंतर से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। यह टेस्ट क्रिकेट में भारत की सबसे बड़ी जीत साबित हुई, और इस पूरे मुकाबले पर डेब्यू कर रहे मानव सुथार का दबदबा रहा।
पिच को समझने पर रहा शुरुआती फोकस
मैच के बाद बातचीत में सुथार ने बताया कि शुरुआत में उनका सारा ध्यान यह समझने पर था कि न्यू चंडीगढ़ स्टेडियम की पिच किस तरह से व्यवहार कर रही है। प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए इस खिलाड़ी ने कहा, “शुरुआत में मेरा ध्यान इसी बात पर था कि विकेट कैसा खेल रहा है। मैं अपनी गेंदबाजी पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा करना चाहता था। जब मुझे यह समझ आया कि विकेट थोड़ी धीमी है और गति में बदलाव की जरूरत है, तब मैंने अपनी गेंदबाजी में बदलाव करना शुरू किया। मेरा फोकस हमेशा यही रहा कि मेरी गेंद अपना असर छोड़े।”
निरंतरता को बताया कामयाबी की कुंजी
मैच में सात विकेट लेने वाले सुथार ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय सही जगह पर लगातार गेंदबाजी करने को दिया। उन्होंने कहा, “सबसे बड़ा सबक यही है कि निरंतरता ही सब कुछ है। आपको बार-बार एक ही जगह पर गेंदबाजी करनी होती है। मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में यही सबसे जरूरी चीज है। यह फॉर्मेट बहुत धैर्य मांगता है। मैंने यही सीखा है कि धैर्य बनाए रखें, अपनी योजना पर टिके रहें और सही जगह पर गेंदबाजी करते रहें। भारत के लिए टेस्ट खेलना बेहद अविश्वसनीय अनुभव रहा।”
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