क्राइम
3 घंटे पहले
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विचारों
नरबलि और तंत्र-मंत्र का काला खेल
ओडिशा के बलांगीर जिले में अंधविश्वास और तांत्रिक गतिविधियों के चलते एक अत्यंत क्रूर हत्या का मामला सामने आया है। देवगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बगड़ा गांव में एक 40 वर्षीय व्यक्ति की नृशंस हत्या कर दी गई, जिसके बाद उसके शव को क्षत-विक्षत कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस पूरी वारदात के पीछे नरबलि का खौफनाक मकसद छिपा था। मृतक की पहचान तुसुरा थाना क्षेत्र के तेबड़ामुंडा गांव के निवासी संतोष खड़सेल के तौर पर की गई है।
खाने पर आमंत्रित कर रची साजिश
बलांगीर के एसपी जी अभिलाष द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मुख्य आरोपी शत्रुघ्न साहू ने 18 अगस्त को एक सोची-समझी साजिश के तहत संतोष को अपने घर रात्रि भोज पर बुलाया था। जांच में सामने आया कि जब संतोष घर में सो रहा था, तब शत्रुघ्न साहू ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और धारदार हथियार से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। आरोपी ने कथित तौर पर इस हत्याकांड को एक नरबलि अनुष्ठान का रूप दिया और मृतक के खून को देवी-देवता के नाम पर अर्पित किया।
पूजा घर से बरामद हुआ कटा हुआ सिर
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की। उसने संतोष के धड़ को गांव के बाहर स्थित एक तालाब में फेंक दिया, जबकि उसके कटे हुए सिर को उसने अपने घर के पूजा कक्ष के भीतर ही जमीन में गाड़ दिया था। मामले का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय ग्रामीणों ने तालाब के पास बिना सिर का शव देखा और पुलिस को सूचित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें पता चला कि मृतक को अंतिम बार शत्रुघ्न साहू के साथ देखा गया था। पुलिस की टीम सीधे साहू के घर पहुंची।
पुलिस के सामने हुआ चौंकाने वाला खुलासा
जब पुलिस शत्रुघ्न साहू के घर पहुंची, तो वह शांति से घर के भीतर ध्यान मुद्रा में बैठा था। शुरुआती पूछताछ में उसने शराब के नशे में विवाद के कारण हत्या की कहानी सुनाई, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद उसने सच उगल दिया। उसने स्वीकार किया कि उसने सिर को अपने पूजा घर में छिपा रखा है। पुलिस ने जब वहां खुदाई की, तो जमीन के अंदर से संतोष का कटा हुआ सिर बरामद कर लिया गया।
कुल पांच लोगों की हुई गिरफ्तारी
इस वीभत्स हत्याकांड के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी शत्रुघ्न साहू के अलावा कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटनास्थल से एक धारदार हथियार भी बरामद किया गया है, जिस पर खून के निशान लगे थे। इसके अतिरिक्त, आरोपी की मां, भाई और भाभी को भी पूछताछ के दायरे में लिया गया है ताकि घटना में अन्य लोगों की संलिप्तता का पता लगाया जा सके।
पत्नी को पाने की सनक बनी हत्या का कारण
पुलिस जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि हत्या के पीछे का एकमात्र कारण अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र था। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह अपनी पत्नी को वापस बुलाना चाहता था जो पिछले 10 सालों से अपने बच्चों के साथ उससे अलग रह रही थी। माना जा रहा है कि शत्रुघ्न साहू की तांत्रिक गतिविधियों के कारण ही उसका परिवार उससे दूर चला गया था, जिसे वापस लाने के लिए उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
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