पश्चिम बंगाल
एक घंटा पहले
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विचारों
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सियासत इन दिनों गरमाई हुई है और तृणमूल कांग्रेस को लगातार चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले हॉकरों के पक्ष में खुद सड़क पर उतर आई हैं, तो दूसरी ओर उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर दो नई एफआईआर दर्ज हुई हैं। इसके साथ ही पूर्व मंत्री उदयन गुहा की गिरफ्तारी और पार्टी के कोलकाता कार्यालय को खाली कराए जाने की घटना ने तृणमूल की परेशानी और बढ़ा दी है।
हॉकरों के प्रदर्शन में शामिल हुईं ममता
धर्मतल्ला में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए चलाई जा रही मुहिम के विरोध में हॉकर आज प्रदर्शन कर रहे थे। इसी प्रदर्शन में अचानक पहुँचकर ममता बनर्जी शामिल हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी न तो लोगों को रोजगार दे पा रही है और न ही उनकी रोजी-रोटी सुरक्षित रहने दे रही है। उनका कहना था कि दूसरे राज्यों में यही तरीका अपनाने के बाद अब बंगाल में भी ऐसा ही किया जा रहा है। ममता ने कहा,
'फुटपाथ पर दुकान चलाने वाले लोग गरीब हैं। उनकी दुकानें तोड़ दी गई हैं। अब वे कहाँ जाएँगे? अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे करेंगे?'
उन्होंने माँग रखी कि सरकार पहले हॉकरों को कोई वैकल्पिक जगह या रोजगार उपलब्ध कराए और उसके बाद ही दुकानें हटाई जाएँ। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर वे हॉकरों के अधिकारों के लिए सड़क पर संघर्ष जारी रखेंगी।
अभिषेक बनर्जी पर दर्ज हुए नए मामले
इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। उनके संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर में दो नई एफआईआर दर्ज की गई हैं। साउथ 24 परगना के कालीतला थाने में 300 करोड़ रुपये की मिट्टी चोरी का मामला दर्ज हुआ है, जबकि दूसरे मामले में विष्णुपुर थाने में साइक्लोन के दौरान राहत सामग्री में 250 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। दोनों ही मामलों में अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित राय और कुछ तत्कालीन ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के नाम भी दर्ज किए गए हैं।
पूर्व मंत्री उदयन गुहा गिरफ्तार
तृणमूल कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा को आज गिरफ्तार कर लिया गया। नगर विकास मंत्री रह चुके गुहा पर चुनावी हिंसा और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप हैं। उन पर ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजना में लोगों को मकान दिलाने के नाम पर पैसे वसूलने का मामला दर्ज है। तृणमूल नेताओं का दावा है कि बंगाल पुलिस अब बीजेपी के इशारे पर पार्टी के नेताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है और बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।
पार्टी को खाली करना पड़ा कार्यालय
तृणमूल को एक और झटका तब लगा जब उसे कोलकाता के कैनाल साउथ रोड स्थित अपने दफ्तर को खाली करना पड़ा। यह इमारत मोनोतोष साहा की है, जिन्होंने इसे किराए पर दिया था। पिछले साल अनुबंध समाप्त हो चुका था, लेकिन ममता सरकार के दौरान किराया न मिलने पर भी मकान मालिक खामोश रहे। सत्ता बदलने के बाद साहा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत नोटिस जारी करते हुए तृणमूल को इमारत खाली करने को कहा। पार्टी ने बीती रात ही अपना सामान वहाँ से हटा लिया। तृणमूल नेताओं के मुताबिक जल्द ही पूरी इमारत खाली कर दी जाएगी।
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