उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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सुरक्षा के लिए स्टाफ में बड़ा फेरबदल
रामलला के दरबार में चढ़ावे की चोरी की घटना सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इस पूरे घोटाले के खुलासे के बाद दान की गिनती करने वाली पूरी टीम को बदल दिया गया है। करीब 50 लोगों को उनकी जिम्मेदारियों से हटाकर नए कर्मियों को नियुक्त किया गया है। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के टेलर, सुपरवाइजर और ऑडिट से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके साथ ही प्राइवेट एजेंसी के पूरे स्टाफ को हटाकर नई टीम तैनात की गई है, और ट्रस्ट की ओर से निगरानी रखने वाले कर्मचारियों को भी बदल दिया गया है।
नए नियम और ड्रेस कोड
मंदिर के 35 दान पात्रों से मिलने वाली राशि की गिनती अब भी रोजाना दो पालियों में हो रही है, लेकिन अब पारदर्शिता के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। अब काउंटिंग सेंटर में काम करने वाले सभी कर्मियों के लिए बिना जेब वाली ड्रेस पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना इस ड्रेस के किसी भी कर्मचारी को अंदर जाने की इजाजत नहीं होगी। साथ ही, प्रवेश और निकास के समय हर कर्मचारी की गहन तलाशी ली जा रही है। दान पात्रों से रकम निकालने से लेकर उसे बैंक भेजने तक की पूरी प्रक्रिया अब वीडियोग्राफी की निगरानी में पूरी की जा रही है।
दो ताले और सीसीटीवी का विस्तार
रकम की हेराफेरी रोकने के लिए मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा का नया घेरा तैयार किया है। अब नकदी को बैंक ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले बक्सों में एक के बजाय दो ताले लगाए जा रहे हैं, जिनकी चाबियां दो अलग-अलग जिम्मेदार व्यक्तियों के पास रहती हैं। सीसीटीवी व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। पहले सीसीटीवी फुटेज 45 दिनों बाद खुद ही डिलीट हो जाते थे, जिससे एसआईटी को जांच में दिक्कत आ रही थी। अब इसे बदलकर फुटेज को 180 दिन यानी छह महीने तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जा रही है। इन तमाम बदलावों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और वे लगातार अयोध्या पहुंच रहे हैं। मंदिर प्रशासन अब हर दान की बाकायदा रसीद भी जारी कर रहा है।
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