बिहार
2 महीने पहले
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महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस अंतरराज्यीय परीक्षा घोटाले के तार अब सीधे तौर पर बिहार से जुड़ गए हैं। मामले की जांच कर रही महाराष्ट्र पुलिस के विशेष जांच दल (SIT) ने बिहार की विशेष कार्य बल (STF) और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर वैशाली जिले के हाजीपुर में एक बड़ी छापेमारी की है। पुलिस की इस संयुक्त टीम ने हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कचहरी रोड पर स्थित एक बड़े साइबर कैफे पर धावा बोला और वहां घंटों तक छानबीन की।
हाजीपुर में देर रात तक चली छापेमारी, कैफे संचालक समेत तीन हिरासत में
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कचहरी रोड स्थित क्विक डिजिटल साइबर कैफे में की गई यह छापेमारी देर रात लगभग 1 बजे तक चली। इस सघन अभियान के बाद पुलिस टीम ने कैफे संचालक सोनू कुमार समेत तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया है। इन सभी से पुलिस की टीम कड़ी पूछताछ कर रही है।
पकड़ा गया मुख्य आरोपी सोनू कुमार वैशाली जिले के सहदेई का रहने वाला है और वह साल 2009 से ही हाजीपुर में यह साइबर कैफे चला रहा है। जांच में यह सनसनीखेज बात सामने आई है कि सोनू का सीधा संपर्क इस पूरे पेपर लीक कांड के मुख्य मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता से था, जो मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है।
इसके साथ ही, महाराष्ट्र STF की टीम सोनू के छोटे भाई विकास की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है। विकास फिलहाल पटना में रहकर एक दूसरा साइबर कैफे चलाता है और पुलिस को आशंका है कि वह भी इस गिरोह का एक सक्रिय सदस्य है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने साइबर कैफे से भारी मात्रा में डिजिटल सबूत, मोबाइल फोन और कंप्यूटर दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनकी गहराई से जांच की जा रही है।
परीक्षा से 24 घंटे पहले लीक हुआ था प्रश्नपत्र
गौरतलब है कि महाराष्ट्र TET के लिए कुल 4 लाख 28 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने अपना पंजीकरण कराया था। परीक्षा का आयोजन 28 जून को होना था, लेकिन परीक्षा शुरू होने से ठीक 24 घंटे पहले ही इसका प्रश्नपत्र लीक हो गया।
पेपर लीक होने की पुष्टि होने के तुरंत बाद महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल ने परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया था। इस बड़े फैसले के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और सबसे पहले महाराष्ट्र के भिवंडी में छापेमारी कर बिहार और हरियाणा से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
देशव्यापी नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं है, बल्कि एक बहुत बड़ा अंतरराज्यीय रैकेट है जिसका जाल देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। जांच एजेंसियां अब इस रैकेट के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हैं।
हाजीपुर से जब्त किए गए मोबाइल फोन, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और ईमेल एक्टिविटी को डिकोड किया जा रहा है ताकि इस डिजिटल नेटवर्क के जरिए परीक्षा माफिया के अन्य बड़े चेहरों का पर्दाफाश किया जा सके। महाराष्ट्र STF और बिहार पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई आने वाले दिनों में कई और चौंकाने वाले खुलासे कर सकती है।
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