महाराष्ट्र में गुटखे के अवैध धंधे पर अब MCOCA का शिकंजा, राज्य की सबसे कड़ी कार्रवाई की तैयारी महाराष्ट्र एक महीने पहले 15
महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखे के अवैध कारोबार पर पहली बार मकोका के तहत मामले दर्ज होंगे। एफडीए के आदेश के अनुसार 12 जून से पूरे राज्य में निर्माता से लेकर विक्रेता तक पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई शुरू होगी।

महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखे का गोरखधंधा चलाने वालों के खिलाफ राज्य ने अब तक की सबसे सख्त मुहिम छेड़ने की तैयारी पूरी कर ली है। राज्य के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब गुटखा बेचने वालों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने इस बारे में आदेश जारी कर साफ कर दिया है कि इस अवैध कारोबार से जुड़े पूरे तंत्र को निशाने पर लिया जाएगा।

मकोका के दायरे में कौन-कौन

इस कार्रवाई के तहत गुटखे का निर्माण करने वाले, बेचने वाले, इस धंधे को आर्थिक मदद देने वाले, सप्लायर, कमीशन एजेंट, ट्रांसपोर्टर और उनके एजेंट, गोदाम चलाने वाले, तस्कर तथा व्यापारी—सभी को मकोका के घेरे में लाया जाएगा। अधिकारी का कहना है कि महाराष्ट्र में गुटखे पर पूरी तरह रोक होने के बाद भी इसका अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। अब तक कई मामले दर्ज हुए, कार्रवाई की गई और अभियोजन भी चलाया गया, फिर भी यह नेटवर्क सक्रिय बना हुआ है, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा खतरा मंडरा रहा है।

किस तारीख से शुरू होगी मुहिम

FDA ने निर्देश दिए हैं कि 12 जून से समूचे महाराष्ट्र में गुटखा कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की जाए। यह कार्रवाई सिर्फ छोटे दुकानदारों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे संगठित नेटवर्क पर लागू होगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (Food Safety Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ मकोका का भी सहारा लिया जाएगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया है। आयुक्त ने अपने आदेश में संविधान के अनुच्छेद 47 का जिक्र भी किया है, जिसमें जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाना राज्य का प्रमुख कर्तव्य बताया गया है।

अब तक की कार्रवाई का ब्योरा

आंकड़ों के मुताबिक पिछले दस साल में महाराष्ट्र में गुटखा कारोबार से जुड़ी अब तक 703 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इनमें से 260 मामले निर्माताओं, 248 सप्लायरों और 190 ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। अब इन मामलों में संगठित अपराध के पहलू की पड़ताल करते हुए मकोका के तहत भी शिकंजा कसा जाएगा। इस फैसले को राज्य में अवैध गुटखा कारोबार के विरुद्ध अब तक की सबसे कठोर कार्रवाई माना जा रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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