महाराष्ट्र
3 घंटे पहले
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गोविंदाओं के लिए सुरक्षा का सुरक्षा कवच
महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव की धूम शुरू होने वाली है और इसी बीच राज्य सरकार ने प्रतिभागियों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला सुनाया है। सरकार ने राज्य के करीब 1.60 लाख गोविंदाओं को बीमा सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मानव मीनार बनाते समय होने वाले हादसों के दौरान गोविंदाओं और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। पिछले साल भी सरकार ने 1.5 लाख गोविंदाओं के लिए इसी तरह का बीमा कवर पेश किया था, जिसे अब और अधिक विस्तार दिया गया है।
बीमा राशि और पात्रता के नियम
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, बीमा के तहत अलग-अलग तरह की दुर्घटनाओं के लिए मुआवजा राशि तय की गई है। अगर किसी गोविंदा की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। यही राशि दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंखें खोने जैसी गंभीर स्थिति में भी देय होगी। वहीं, अगर किसी को एक हाथ, एक पैर या एक आंख का नुकसान होता है, तो 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में इलाज का वास्तविक खर्च या अधिकतम 1 लाख रुपये तक का भुगतान किया जाएगा।
बीमा सुरक्षा की विस्तृत सूची
- आकस्मिक मृत्यु होने पर: 10,00,000 रुपये की सहायता।
- दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंखें गंवाने पर: 10,00,000 रुपये।
- एक हाथ, एक पैर या एक आंख का नुकसान होने पर: 5,00,000 रुपये।
- स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में: 10,00,000 रुपये।
- स्थायी आंशिक विकलांगता होने पर: बीमा पॉलिसी में निर्धारित प्रतिशत के आधार पर मुआवजा।
- अस्पताल के खर्च के लिए: वास्तविक चिकित्सा व्यय या अधिकतम 1,00,000 रुपये।
पंजीकरण और शर्तें
इस योजना का लाभ केवल उन गोविंदाओं को ही मिलेगा जो महाराष्ट्र राज्य गोविंदा एसोसिएशन द्वारा पूरी तरह प्रशिक्षित और सत्यापित हैं। प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह बीमा केवल दही हांडी उत्सव के दौरान मानव मीनार बनाते समय होने वाली दुर्घटनाओं पर ही लागू होगा। किसी अन्य प्रकार की चोट या घटना इस दायरे से बाहर रहेगी। साथ ही, सभी प्रतिभागियों को अदालत द्वारा निर्धारित न्यूनतम आयु सीमा के नियमों का पालन करना होगा। इस पूरी योजना का वित्तीय भार राज्य खेल विकास कोष द्वारा उठाया जाएगा। सरकार इसके लिए प्रति गोविंदा अधिकतम 75 रुपये प्रीमियम देने वाली किसी सरकारी बीमा कंपनी का चयन करेगी। इस कदम से उत्सव के दौरान गोविंदाओं के हौसले बढ़ेंगे और वे अधिक सुरक्षा के साथ अपनी कला का प्रदर्शन कर पाएंगे।
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