नेपाल के रास्ते पाकिस्तान तक फैला जाल! मधुबनी में पकड़ा गया इजहारुल हक, पूछताछ में कई परतें खुलीं बिहार 5 घंटे पहले 5
मध्य प्रदेश और बिहार एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार इजहारुल हक से पूछताछ में बिहार, नेपाल और पाकिस्तान तक फैले एक संभावित नेटवर्क के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां फर्जी पहचान पत्रों पर खरीदे गए सिम कार्ड और नेपाल कनेक्शन की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

मध्य प्रदेश एटीएस और बिहार एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए आरोपी इजहारुल हक से हुई पूछताछ में कई अहम बातें सामने आने का दावा किया जा रहा है। जांच एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार बिहार, नेपाल और पाकिस्तान तक फैले एक बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे प्रकरण की गहन छानबीन में जुटी हैं।

कहां से और कैसे हुई गिरफ्तारी

मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के मधुबनी जिले के पडौल थाना क्षेत्र से इजहारुल हक को हिरासत में लिया गया था। बताया जा रहा है कि वह मधुबनी के नूर-ए-मोहम्मदिया मदरसे में शिक्षक के तौर पर काम कर रहा था। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़े कुछ लोगों के संपर्क में था और सोशल मीडिया, खासकर व्हाट्सएप के जरिए उनसे लगातार बातचीत किया करता था।

फर्जी पहचान पर सिम कार्ड की खरीद

सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी कथित रूप से अलग-अलग जिलों से फर्जी या भिन्न पहचान पत्रों के आधार पर सिम कार्ड खरीदने का काम करता था। जांच में पता चला है कि भागलपुर, बांका, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा और मधुबनी समेत कई जिलों से सिम कार्ड खरीदे गए थे। आरोप है कि इन सिम कार्डों को नेपाल के रास्ते पाकिस्तान तक भेजा जाता था।

नेपाल कनेक्शन पर शक

जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि इस नेटवर्क को चलाने के लिए आरोपी कई बार नेपाल की यात्रा कर चुका था। सूत्रों का दावा है कि नेपाल में मौजूद एजेंटों की मदद से सिम कार्ड और अन्य जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचाई जाती थीं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच एजेंसियों की ओर से नहीं की गई है।

भोपाल में पहले से दर्ज है मामला

बताया जा रहा है कि भोपाल में आरोपी के खिलाफ पहले से एक प्राथमिकी दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद उसे मधुबनी की अदालत में पेश किया गया, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर उसे मध्य प्रदेश पुलिस को सौंप दिया गया। अब भोपाल में एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही हैं।

किन बिंदुओं पर है जांच का फोकस

जांच का मुख्य केंद्र आरोपी के संपर्कों, वित्तीय लेन-देन, नेपाल कनेक्शन और कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान पर है। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच के आधार पर और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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