लखनऊ अग्निकांड: 15 बच्चों की मौत का कारण आग की लपटें नहीं, केजीएमयू प्रोफेसर ने किया बड़ा खुलासा उत्तर प्रदेश एक दिन पहले 9
लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के बाद 15 बच्चों की जान चली गई। केजीएमयू के विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि मौत का कारण जलना नहीं, बल्कि दम घुटने से हुआ है।

हादसे का सच और मेडिकल रिपोर्ट

लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के प्रवक्ता प्रोफेसर केके सिंह ने मृतकों की स्थिति पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने बताया कि इस भीषण घटना में अपनी जान गंवाने वाले 15 बच्चों में से किसी की भी मौत आग की लपटों से झुलसने के कारण नहीं हुई है।

दम घुटने से हुई मौतें

प्रोफेसर केके सिंह के अनुसार, कोचिंग सेंटर में फंसे सभी बच्चे एक कमरे में बंद हो गए थे। कमरे से बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के कारण वहां धुआं भर गया। उन्होंने बताया कि बच्चों की मौत का मुख्य कारण कार्बन मोनोऑक्साइड की अधिकता और फेफड़ों में धुआं भर जाने के चलते दम घुटने (suffocation) से हुई है। बिल्डिंग में टफन ग्लास लगे थे, जिन्हें तोड़ना बेहद मुश्किल था, जिससे धुआं बाहर नहीं निकल सका।

घायलों की स्थिति पर अपडेट

इस हादसे में कुल 22 बच्चे अस्पताल लाए गए थे, जिनमें से 5 बच्चे मृत अवस्था में लाए गए थे। प्रोफेसर सिंह ने बताया कि वर्तमान में 2 बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं। एक बच्ची को मामूली चोटें आई हैं और वह मानसिक आघात (mental trauma) से गुजर रही है। वहीं, दूसरा बच्चा तीसरी मंजिल से कूद गया था, जिसके चलते उसकी कमर में गंभीर चोट आई है और उसका शरीर नीचे से सुन्न हो गया है। डॉक्टरों की टीम अभी एमआरआई (MRI) के जरिए सर्जरी की आवश्यकता का आकलन कर रही है।

5 बच्चों को मिली छुट्टी

प्रोफेसर ने यह भी जानकारी दी कि अस्पताल लाए गए बच्चों में से 5 बच्चों को मामूली चोटें आई थीं। उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल, एसआईटी (SIT) की टीम भी मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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