मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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मध्य प्रदेश के इंदौर से एक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। खजराना थाना क्षेत्र में रहने वाली एक बैंक कर्मचारी युवती की संदेहास्पद मौत की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह सुलझा लिया है। आरोपी प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की हत्या करने के बाद इस खौफनाक वारदात को आत्महत्या या हादसा साबित करने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ने आरोपी की सारी चालाकी धरी की धरी छोड़ दी। पुलिस ने बताया कि युवती की मौत आग में झुलसने से नहीं हुई थी, बल्कि पहले गला दबाकर उसकी जान ली गई और फिर सबूत मिटाने के लिए शव पर पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया गया था।
साजिश का पर्दाफाश: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आया सच
इंदौर पुलिस ने राजा रघुवंशी और राजीव बमानिया हत्याकांड के बाद इस तीसरे बड़े मामले का भी त्वरित खुलासा करते हुए आरोपी प्रेमी को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। यह पूरी घटना बीते 26 जुलाई की है, जब खजराना पुलिस थाना क्षेत्र के तपेश्वरी बाग स्थित एक किराए के कमरे से बैंक कर्मचारी युवती का बुरी तरह झुलसा हुआ शव बरामद हुआ था। कमरे की स्थिति और शव के हालात को देखकर पहली नजर में हर कोई इसे आत्महत्या या फिर कोई अचानक हुआ हादसा मान रहा था। हालांकि, इंदौर पुलिस ने जल्दबाजी में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय घटनास्थल से हर छोटा-बड़ा सबूत इकट्ठा करना शुरू किया। पुलिस की एफएसएल (FSL) टीम की गहन जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों ने इस मामले की पूरी कहानी ही बदलकर रख दी।
सीसीटीवी फुटेज ने खोला कातिल का राज
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस के होश उड़ गए, क्योंकि उसमें साफ लिखा था कि मृतका के शरीर में आग लगने से पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं और मौत की असली वजह गला घोंटना था। हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज किया और जांच का दायरा बढ़ाते हुए घटनास्थल के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसी जांच के दौरान पुलिस को एक फुटेज में एक संदिग्ध युवक हाथ में पेट्रोल का डिब्बा लिए घटनास्थल की तरफ जाता हुआ दिखाई दिया। यही फुटेज पुलिस के लिए इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने का सबसे बड़ा और अहम सुराग साबित हुआ।
पांच साल का रिश्ता और खौफनाक अंजाम
तकनीकी जांच और पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा। एडिशनल डीसीपी (ADCP) अमरेंद्र सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान ग्वालियर जिले के डबरा निवासी मयंक शाक्य के रूप में की गई है। आरोपी मयंक पिछले 5 साल से मृतका का बेहद करीबी मित्र था और दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उनके बीच पिछले कुछ समय से शादी को लेकर काफी विवाद चल रहा था। जब युवती ने मयंक से शादी करने से साफ इनकार कर दिया, तो वह गुस्से से आगबबूला हो गया और उसने गला दबाकर अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी। इसके बाद मामले को पूरी तरह भटकाने और खुद को बचाने के लिए उसने शव पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी ताकि पुलिस और दुनिया इसे खुदकुशी या कोई सामान्य हादसा समझे।
आरोपी सलाखों के पीछे, पुलिस कर रही है आगे की जांच
पुलिस ने आरोपी मयंक शाक्य को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या करने और सबूत मिटाने सहित कानून की संबंधित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस कोण से भी बारीकी से जांच कर रही है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड की योजना कब और कैसे बनाई गई थी, और क्या इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने में किसी अन्य बाहरी व्यक्ति की भी कोई भूमिका थी या नहीं। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ कर इस मामले के हर अनसुलझे पहलू को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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