सौर ऊर्जा-7: छत बड़ी है तो ढेर सारे सोलर पैनल लगाकर मोहल्ले में बिजली बेच सकते हैं? जानें एक्सपर्ट की राय व्यापार 5 घंटे पहले 8
क्या कोई व्यक्ति अपनी खाली ज़मीन या बड़ी छत पर सोलर पैनल लगाकर सीधे आस-पड़ोस या गांव में बिजली बेच सकता है? सीईईडब्ल्यू की एक्सपर्ट भावना त्यागी बता रही हैं कि कानून इस बारे में क्या कहता है।

‘मैं रहता तो शहर के एक फ्लैट में हूं, मगर मेरा पुश्तैनी घर गांव में है और काफी बड़ा है। एक मंजिला इस मकान की छत इतनी विशाल है कि एक साथ 50 लोग वहां बैठकर खाना खा सकते हैं। जब से सौर ऊर्जा और सोलर पैनल्स के बारे में सुना है, मन में आता है कि घर पर रूफटॉप सोलर पैनल लगवा लूं। लेकिन एक सवाल बार-बार कौंधता है — क्या मैं छत पर अपनी ज़रूरत से ज़्यादा सोलर पैनल लगवा सकता हूं, ताकि गांव वाले घर का बिजली खर्च भी निकल जाए और बची हुई बिजली अपने पड़ोसियों को उनकी ज़रूरत के मुताबिक दे सकूं? क्या यह संभव है? क्या रूफटॉप सोलर पैनल लगवाकर मैं आस-पड़ोस में बिजली बेच सकता हूं, और क्या यह कानूनी है या अवैध?’

यह जिज्ञासा किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। जिनके पास बड़ी छत या खाली पड़ी ज़मीन है, उन सभी के मन में यह सवाल उठता है कि क्या वे अपनी खाली ज़मीन पर सोलर पैनल लगाकर बिजली सीधे आसपास के मोहल्लों या गांवों में बेच सकते हैं — बजाय इसे बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को बेचने के? क्या ऐसा करना कानूनन सही है, और अगर नहीं, तो इस पर क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है?

इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए हमने काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) की प्रोग्राम लीड भावना त्यागी से बात की।

क्या खाली ज़मीन पर पैनल लगाकर पड़ोस में बिजली बेची जा सकती है?

भावना त्यागी कहती हैं, ‘आमतौर पर कोई भी व्यक्ति बिजली से जुड़े सरकारी नियमों और ज़रूरी लाइसेंस या मंज़ूरी के बगैर अपनी निजी ज़मीन पर सोलर पैनल लगाकर सीधे मोहल्लों या गांवों में बिजली नहीं बेच सकता। बिजली वितरण का पूरा क्षेत्र सरकार के सख़्त नियमों के दायरे में आता है।’

बिजली सप्लाई पर सरकारी नियंत्रण

उनका कहना है कि ज़्यादातर मामलों में बिजली सरकारी ग्रिड के ज़रिए और रेगुलेटर्स व विद्युत वितरण कंपनियों (DISCOMs) के नियमों के अनुसार ही सप्लाई की जा सकती है।

भावना के मुताबिक, कुछ जगहों पर आपस में बिजली के लेन-देन के मॉडल, जैसे पीयर-टू-पीयर (Peer-to-Peer) ट्रेडिंग, का ट्रायल ज़रूर चल रहा है, लेकिन ये भी सरकारी नियमों के तहत ही संचालित होते हैं। इनमें भी बिना किसी रोक-टोक के निजी तौर पर सीधे बिजली बेचने की छूट नहीं दी जाती।

नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई?

वे आगे बताती हैं, ‘अभी सौर ऊर्जा से जुड़े नियम साफ़ कहते हैं कि बिना मंज़ूरी के बिजली बेचना या बांटना गैर-कानूनी है। ऐसा करने पर जुर्माना लग सकता है, नोटिस भेजा जा सकता है, उल्लंघन की स्थिति में सिस्टम का कनेक्शन काटा जा सकता है और इसके अलावा अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।’

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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