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2 घंटे पहले
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भ्रामक दावों पर खाद्य नियामक की कड़ी कार्रवाई
बच्चों की सेहत सुधारने और उन्हें ताकतवर बनाने का वादा करने वाली बड़ी खाद्य कंपनियों के दावों पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। नियामक ने मोंडेलेज इंडिया और एमवे इंडिया जैसी नामी कंपनियों को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि उनके उत्पादों के संबंध में किए गए स्वास्थ्य संबंधी दावे वैज्ञानिक आधार पर खरे नहीं उतर रहे हैं। इन कंपनियों के उत्पादों पर किए गए दावे पूरी तरह भ्रामक और असत्य पाए गए हैं, जिससे ग्राहकों को गुमराह किया जा रहा था।
लेबलिंग में बदलाव और सुधारात्मक कदम
FSSAI के नोटिस के बाद इन कंपनियों ने अपने उत्पादों की पैकेजिंग और लेबलिंग में बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं। नियामक द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी के अनुसार, प्रमुख खाद्य व्यवसाय परिचालकों (FBO) ने तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए अपने उत्पादों से उन दावों को हटा लिया है जो उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते थे। मोंडेलेज इंडिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के संदर्भ में, नियामक ने पाया कि कंपनी ने स्वास्थ्य और पोषक तत्वों की तुलना करते समय गलत और भ्रामक जानकारी दी थी। अब इन कंपनियों ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से भी ऐसे विज्ञापनों को हटा दिया है और नियमों का पालन करना शुरू कर दिया है।
प्रमुख कंपनियों की प्रतिक्रिया
FSSAI की कार्रवाई का असर केवल मोंडेलेज पर ही नहीं, बल्कि अन्य कई बड़े ब्रांड्स पर भी दिखा है। इस संदर्भ में कुछ मुख्य घटनाक्रम इस प्रकार रहे हैं:
- मोंडेलेज इंडिया: कंपनी ने ई-कॉमर्स पोर्टल्स से अपने विवादास्पद दावों और विज्ञापनों को हटा लिया है।
- सैपिएंस लैब्स: इस इकाई ने भी अपने सभी भ्रामक दावों और प्रचार सामग्री को वापस ले लिया है।
- जूजा फूड्स: केरल स्थित इस कंपनी ने भी नियमों के अनुरूप अपने विज्ञापनों में संशोधन किया है।
- विची एग्रो प्रोडक्ट्स: नियामक ने इनके भ्रामक ट्रेड नाम पर नोटिस भेजा था, जिसके जवाब में फ्लिपकार्ट ने अपने मंच से इन उत्पादों को पूरी तरह हटा लिया है।
एमवे इंडिया को '100 फीसदी' का दावा हटाना पड़ा
एमवे इंडिया एंटरप्राइजेज के खिलाफ भी नियामक ने गंभीर अनियमितताएं पाई थीं। कंपनी अपने उत्पाद के नाम में '100 फीसदी शुद्ध नारियल तेल' जैसे दावों का उपयोग कर रही थी, जो खाद्य कानूनों का सीधा उल्लंघन था। FSSAI की कड़ी चेतावनी के बाद, एमवे इंडिया ने स्वेच्छा से अपनी पैकेजिंग और प्रचार सामग्री से '100 फीसदी' शब्द को हटा दिया है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने एक्स-एस उत्पाद श्रृंखला से 'एनर्जी ड्रिंक' शब्द का इस्तेमाल भी बंद करने की पुष्टि की है। एमवे ने जानकारी दी है कि यह नई पैकेजिंग अगस्त, 2026 के आगामी उत्पादन चक्र से प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी।
मुंबई में होटलों के लाइसेंस भी निलंबित
नियामक और खाद्य सुरक्षा प्रशासन की सक्रियता केवल पैकेज्ड फूड तक सीमित नहीं है, बल्कि रेस्टोरेंट और होटलों पर भी बरसी है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले दक्षिण मुंबई के मशहूर 'अयूब्स' रेस्टोरेंट समेत कुल चार प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। राज्यभर में चलाए गए एक विशेष निरीक्षण अभियान के तहत 37 होटलों और रेस्टोरेंट की जांच की गई थी। इस जांच के दौरान 31 प्रतिष्ठानों को सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए, जबकि गंभीर खामियां पाए जाने पर चार प्रमुख स्थानों के लाइसेंस रद कर दिए गए। इन प्रतिष्ठानों में मुंबई के फोर्ट क्षेत्र स्थित अयूब्स, कुर्ला स्थित मैसर्स संकल्प महिला औद्योगिक उत्पादक सहकारी संस्था लिमिटेड, नागपुर का बरहामपुर जलेबी सेंटर और स्टेप इन रेस्टोरेंट शामिल हैं।
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