झारखंड
एक घंटा पहले
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झारखंड के कोडरमा थाना क्षेत्र के चितरपुर गांव में जमीन को लेकर चल रहे विवाद ने शुक्रवार को खूनी रूप ले लिया। इस हिंसक घटना में कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी वाहन चालक राजकुमार यादव (40) की मौत हो गई। वहीं उनकी 15 वर्षीय बेटी सोनिका कुमारी, मां सुधा देवी (55) और पिता दशरथ यादव (60) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज जारी है। इस वारदात ने आम लोगों की सुरक्षा और जिले की कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना उस समय हुई जब खुद विधायक नीरा यादव ने अपने ड्राइवर के पारिवारिक विवाद की जानकारी पुलिस को दे दी थी। वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही विधायक डॉ. नीरा यादव मौके पर पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। अपने निजी चालक की मौत की खबर सुनकर विधायक भावुक हो उठीं और फफक कर रो पड़ीं।
विधायक ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद विधायक नीरा यादव ने पुलिस की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विवाद की जानकारी पहले से थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। विधायक के मुताबिक, शाम के समय क्षेत्र भ्रमण के दौरान उनके चालक राजकुमार यादव ने उन्हें बताया था कि जमीन को लेकर उनके रिश्ते के चाचा और कुछ अन्य लोग उनकी मां के साथ विवाद कर रहे हैं।
विधायक के अनुसार, यह सूचना मिलने के बाद उन्होंने स्वयं कोडरमा थाना पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया था। उनका कहना है कि अगर पुलिस इस शिकायत को गंभीरता से लेती और समय रहते हस्तक्षेप करती, तो एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकती थी और यह घटना टल सकती थी।
सदर अस्पताल में उमड़ी भीड़, लोगों में आक्रोश
वारदात की खबर फैलते ही सदर अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे। मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। लोग दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मीडिया से बचते नजर आए पुलिस अधिकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी मुख्यालय अरविंद कुमार समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि मीडिया के सवालों पर पुलिस अधिकारी खुलकर कुछ भी कहने से कतराते दिखे। डीएसपी मुख्यालय अरविंद कुमार ने ऑफ कैमरा बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
कानून-व्यवस्था पर खड़ा हुआ बड़ा सवाल
एक ओर जमीनी विवाद की सूचना पहले ही पुलिस तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है, तो दूसरी ओर उसी विवाद में एक व्यक्ति की मौत और तीन लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और दोषियों को कब तक गिरफ्तार किया जाता है।
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