जुगाड़ की मिसाल! नदी के पानी से चमकी सूरज की किस्मत, रांची में सिंचाई का यह अनोखा मॉडल देख हर कोई दंग झारखंड एक घंटा पहले 2
झारखंड के खूंटी जिले के किसान सूरज ने नदी से पाईप, अंडरग्राउंड टंकी और कंप्रेसर के सहारे सिंचाई की अनोखी व्यवस्था खड़ी की है। इस तरीके से वह हर दिन 20 क्विंटल झिंगी समेत 10 तरह की सब्जियां बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं।

झारखंड की राजधानी रांची से सटे खूंटी जिले के किसान सूरज ने सिंचाई का ऐसा तरीका ईजाद किया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। तेज धूप और भीषण गर्मी के बावजूद उनकी 4 एकड़ जमीन पर हरी-भरी खेती लहलहा रही है। उनके खेत की हर क्यारी में पानी भरा रहता है और पानी की कोई किल्लत नहीं होती।

नदी से खेत तक ऐसे पहुंचता है पानी

सूरज बताते हैं कि उनके खेत से कुछ ही दूरी पर एक नदी बहती है। वह नदी से पाईप जोड़कर एक टैंकर में पानी भरते हैं। वहां लगी एक मोटर प्रेशर के साथ खेत तक पानी पहुंचाने का काम करती है और इसी पानी को वह हर क्यारी तक ले जाते हैं। यही उनकी कामयाब खेती का मूल आधार बन गया है।

पहले झेलनी पड़ती थी पानी की किल्लत

किसान सूरज के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें खेती के दौरान पानी की भारी कमी से जूझना पड़ता था और समझ नहीं आता था कि क्या किया जाए। बाद में उन्होंने थोड़ा दिमाग लगाया और आज उसी उपाय की बदौलत झिंगी से लेकर भिंडी तक हर चीज उनके खेत में उग रही है। वह कहते हैं कि दोपहर की भीषण गर्मी में पानी सबसे बड़ी चुनौती होती थी और कई बार खेत होने के बावजूद भी वह साग-सब्जी नहीं उगा पाते थे।

हर दिन निकलता है 20 क्विंटल झिंगी

सूरज बताते हैं कि आज उनके खेत से हर दिन 20 क्विंटल झिंगी निकलता है। वह कहते हैं कि किसानों को सिंचाई के लिए दिमाग लगाना ही पड़ेगा, क्योंकि पानी के बिना कुछ नहीं किया जा सकता। उनके खेत के पास बहने वाली नदी बहुत पतली है, लेकिन उसका पानी कभी नहीं सूखता। वह वहीं से पाईप के जरिए पानी लाते हैं।

अंडरग्राउंड टंकी और कंप्रेसर का कमाल

सूरज ने खेत के पास अंडरग्राउंड टैंकर बनवाया है, जहां दिनभर पानी स्टोर होता रहता है। टंकी से खेत तक पानी ले जाने के लिए दबाव की जरूरत होती है, इसलिए उन्होंने वहीं कंप्रेसर लगा दिया है, जो प्रेशर के साथ खेत में पानी छोड़ता है। इस अंडरग्राउंड टंकी की खास बात यह है कि बारिश के मौसम में यह बरसात के पानी को भी जमा कर लेती है, जिससे पानी की समस्या नहीं रहती।

पानी देने के बाद मिट्टी से ब्लॉक

सूरज बताते हैं कि खेत में पानी आने के बाद उसे हर क्यारी तक पहुंचाना होता है। इसके लिए वह कुदाल से ऐसी क्यारी बनाते हैं कि पानी कम से कम 5 से 6 घंटे तक भरा रहे। हर क्यारी में पानी देने के बाद उसे मिट्टी से ब्लॉक कर देते हैं, ताकि पानी जमा रहे। उनका कहना है कि इस तरीके से सिंचाई करने में फिलहाल किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो रही है।

10 तरह की सब्जियों से बंपर कमाई

इस अनोखी व्यवस्था के सहारे सूरज इस समय 10 प्रकार की सब्जियों की खेती कर रहे हैं। हर दिन झिंगी समेत तरह-तरह की सब्जियां बेचकर वह तगड़ी कमाई कर रहे हैं और उनका यह जुगाड़ इलाके के दूसरे किसानों के लिए भी मिसाल बन गया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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