रिश्वत लेते रंगे हाथ धरा गया डीसी कार्यालय का सहायक, आर्म लाइसेंस और होमगार्ड भर्ती के नाम पर मांगी थी रकम हरियाणा एक महीने पहले 24
करनाल में एसीबी ने जिला उपायुक्त कार्यालय के एक सहायक को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी पर शस्त्र लाइसेंस और होमगार्ड ट्रेनिंग सर्टिफिकेट के नाम पर मोटी रकम मांगने का आरोप है।

हरियाणा के करनाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यूरो ने जिला उपायुक्त कार्यालय करनाल में तैनात एक सहायक को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया है। जांच में पता चला कि आरोपी शस्त्र लाइसेंस बनवाने से लेकर होमगार्ड ट्रेनिंग सर्टिफिकेट तैयार करवाने तक के एवज में अलग-अलग रकम वसूल रहा था।

कौन है गिरफ्तार आरोपी

पकड़े गए आरोपी की पहचान अनिल कुमार के रूप में हुई है, जो सुभाष चंद का पुत्र और सेक्टर-21, हुडा, कैथल का निवासी है। वह डीसी कार्यालय करनाल की आरकेई शाखा में सहायक के पद पर कार्यरत है।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीबी को एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया कि आरोपी नया शस्त्र लाइसेंस बनवाने के बदले 3 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया कि अनिल कुमार ने 12 जून को शिकायतकर्ता से 4 हजार रुपये नकद और 6 हजार रुपये ऑनलाइन हासिल किए थे। यह ऑनलाइन राशि फोन-पे के जरिए तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन में ली गई थी।

आरोप है कि अनिल कुमार ने व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायतकर्ता को एक मोबाइल नंबर भेजा और उसी पर रकम ट्रांसफर करवाई। जांच में सामने आया कि कुल मांगी गई राशि में से 20 हजार रुपये होमगार्ड ट्रेनिंग सर्टिफिकेट तैयार करवाने और 30 हजार रुपये मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर मांगे गए थे, जबकि शेष 3 लाख रुपये शस्त्र लाइसेंस जारी करवाने के एवज में वसूले जा रहे थे।

जाल बिछाकर पकड़ा गया आरोपी

शिकायत मिलते ही करनाल स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी को तहसील परिसर करनाल में शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते समय गिरफ्तार कर लिया गया।

दर्ज हुआ मुकदमा

इस मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर संख्या 12, दिनांक 15.06.2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, करनाल में मामला दर्ज किया गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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