राजस्थान
एक घंटा पहले
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राजस्थान के करौली में युवाओं की एक टीम बेजुबान गोवंश के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरी है। श्री राम गौ सेवा संस्थान के नाम से चल रहा यह युवा समूह बीते कई वर्षों से घायल, बीमार और बेसहारा गोवंश को नई जिंदगी देने के काम में लगा है। संस्थान से करीब 25 युवा जुड़े हैं, जो निःस्वार्थ भाव से यह सेवा कर रहे हैं।
कैसे जागी सेवा की प्रेरणा
संस्थान से जुड़े युवा बताते हैं कि उन्हें इस सेवा की प्रेरणा सड़कों पर तड़पते और असहाय हालत में पड़े गोवंश को देखकर मिली। कई बार घायल पशुओं को समय पर इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत हो जाती थी, जिसने इन युवाओं को भीतर तक झकझोर दिया। इसके बाद कुछ दोस्तों ने मिलकर सेवा का संकल्प लिया और धीरे-धीरे यह कारवां आगे बढ़ता चला गया।
लंपी काल में बनी पहचान
शुरुआती दौर में यह टीम सड़क किनारे ही घायल पशुओं का उपचार करती थी। लंपी बीमारी के दौरान युवाओं ने दिन-रात मेहनत कर संक्रमित गोवंश की सेवा की। उसी समय शुरू हुई यह पहल आज करौली में गौ सेवा की पहचान बन चुकी है। सूचना मिलते ही टीम सबसे पहले मौके पर पहुंचती है, घायल गोवंश का रेस्क्यू करती है और फिर उन्हें सेवा केंद्र लाकर विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज शुरू कराया जाता है।
सेवा केंद्र में देखभाल
संस्थान में इस समय कई ऐसे गोवंश मौजूद हैं, जो गंभीर बीमारियों या हादसों का शिकार होकर असहाय हो चुके हैं। कुछ पशु चलने-फिरने में असमर्थ हैं, तो कई लंबे समय से गंभीर रोगों से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद युवाओं की लगातार सेवा और देखभाल से उनकी हालत में सुधार देखने को मिल रहा है। मेला गेट स्थित सेवा केंद्र पर गोवंश समेत अन्य बेजुबान पशुओं का उपचार और देखभाल की जाती है।
भरोसे के साथ बढ़ता सहयोग
संस्थान से जुड़े सदस्य बताते हैं कि शुरुआत में आर्थिक संसाधनों की काफी कमी थी, लेकिन अब लोगों का भरोसा बढ़ने के साथ-साथ सहयोग भी मिलने लगा है। करौली में युवाओं की यह पहल इंसानियत और संवेदनशीलता की एक खूबसूरत मिसाल बनती जा रही है।
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