राजस्थान
एक घंटा पहले
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विचारों
राजस्थान से एक ऐसी प्रेरक कहानी सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है। यह कहानी उस व्यक्ति की है, जिसे हजारों बच्चे अपने पिता के समान आदर देते हैं। सबसे खास बात यह है कि उसके एक या दो नहीं, बल्कि करीब 60 हजार 'बच्चे' हैं।
रिश्ता खून का नहीं, समर्पण का
यह पहचान उन्हें किसी जैविक या पारिवारिक रिश्ते से नहीं मिली है। वर्षों से लगातार किए जा रहे सामाजिक कार्यों, शिक्षा के प्रसार, बच्चों के संरक्षण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए किए गए समर्पित प्रयासों ने उन्हें यह विशेष स्थान दिलाया है।
शिक्षा और मार्गदर्शन का मिशन
अपने इसी मिशन के जरिए उन्होंने हजारों जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा, सही मार्गदर्शन और जीवन में आगे बढ़ने के अवसर पहुंचाए हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में बच्चे और उनके परिवार उन्हें पूरे सम्मान और स्नेह के साथ अपना अभिभावक मानते हैं।
समाज के लिए मिसाल
उनकी यह अनूठी पहल आज समाज में सकारात्मक बदलाव की एक जीती-जागती मिसाल बन चुकी है। यह दिखाता है कि बिना किसी रक्त संबंध के भी इंसान हजारों जिंदगियों का सहारा बन सकता है।
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