60 हजार की नौकरी छोड़कर कंटेंट क्रिएशन की राह पकड़ी, महज 14000 फॉलोअर्स के साथ एक महीने में कमाए 1.12 लाख रुपये करियर 9 घंटे पहले 2
दिल्ली की रहने वाली 23 वर्षीय उपासना ने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर कंटेंट क्रिएशन में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया पर मोटी कमाई के लिए लाखों फॉलोअर्स नहीं, बल्कि सही एंगेजमेंट और गुणवत्तापूर्ण कंटेंट मायने रखता है।

नौकरी को कहा अलविदा और बनाई अपनी अलग पहचान

आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का साधन बनकर नहीं रह गया है, बल्कि यह करियर बनाने और पैसे कमाने का एक शक्तिशाली माध्यम बन गया है। सोशल मीडिया पर सफल होने के लिए अक्सर लोग लाखों फॉलोअर्स की गिनती को जरूरी मानते हैं, लेकिन दिल्ली की 23 वर्षीय उपासना ने इस सोच को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है। उपासना ने अपनी 60 हजार रुपये महीने की सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी को पीछे छोड़ते हुए कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने बेहद कम फॉलोअर्स के साथ भी कमाई का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है और अपनी मेहनत के दम पर एक महीने में 1.12 लाख रुपये की शानदार आय अर्जित की है।

डेढ़ साल की मेहनत और जोखिम भरा फैसला

उपासना ने कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में लगभग 1.5 साल पहले अपना सफर शुरू किया था। कंटेंट क्रिएटर बनने से पहले वह एक स्थिर कॉर्पोरेट नौकरी कर रही थीं, जहाँ उन्हें हर महीने 60 हजार रुपये का वेतन मिलता था। बावजूद इसके कि उनके पास एक सुरक्षित आय का स्रोत था, उनके मन में कुछ अलग और स्वतंत्र करने की तीव्र इच्छा थी। इसी जज्बे के साथ उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा देने का साहसी निर्णय लिया। उनका यह फैसला अब रंग लाता हुआ दिख रहा है और सितंबर का महीना उनके करियर का सबसे सफल महीना साबित हुआ है, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि सही दिशा में की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।

सितंबर की कमाई का पूरा गणित

सोशल मीडिया पर अपने वीडियो के माध्यम से उपासना ने इस बात का खुलासा किया कि कैसे उन्होंने महज 14000 फॉलोअर्स के साथ 1 लाख रुपये से अधिक की कमाई का आंकड़ा पार किया है। उन्होंने अपनी सितंबर माह की आय का विस्तृत ब्यौरा साझा करते हुए बताया कि इस दौरान उन्हें कुल 6 ब्रांड कोलैबोरेशन मिले। इन सौदों का वर्गीकरण कुछ इस प्रकार था:

  • पांच ब्रांड डील उनके स्वयं के इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट करने के लिए थीं, जिनसे उन्होंने कुल 97000 रुपये कमाए।
  • एक डील 'यूजर जनरेटेड कंटेंट' यानी यूजीसी (UGC) के लिए थी, जिससे उन्हें 15000 रुपये प्राप्त हुए।
  • इस तरह कुल 6 ब्रांड डील्स के जरिए उनकी एक महीने की कुल कमाई 1.12 लाख रुपये रही।

क्यों ब्रांड्स छोटे क्रिएटर्स को दे रहे हैं प्राथमिकता?

उपासना की यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो कम फॉलोअर्स के कारण सोशल मीडिया पर अपना भविष्य शुरू करने से डरते हैं या हताश हो जाते हैं। असल में, ब्रांड्स अब केवल फॉलोअर्स की संख्या पर ध्यान केंद्रित नहीं करते हैं। वर्तमान समय में कंपनियां 'एंगेजमेंट रेट' और सही 'निश' (Niche) को अधिक महत्व देती हैं। यदि आपका कंटेंट उच्च गुणवत्ता वाला है और आपके फॉलोअर्स आप पर विश्वास करते हैं, तो ब्रांड्स निश्चित रूप से आपके साथ काम करना पसंद करेंगे। उपासना का अनुभव यह बताता है कि यदि आप अपने काम में ईमानदारी और रचनात्मकता लाते हैं, तो आप छोटी ऑडियंस के साथ भी शानदार आर्थिक सफलता हासिल कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनकी इस उपलब्धि की जमकर सराहना कर रहे हैं और उनकी कहानी उन लाखों लोगों के लिए एक मिसाल बन गई है जो कॉर्पोरेट की चकाचौंध को छोड़कर अपने सपनों को हकीकत में बदलना चाहते हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप