करियर
एक घंटा पहले
6
विचारों
शिक्षा मित्रों की याचिका पर बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश के हजारों शिक्षा मित्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। लंबे समय से शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET और रोजगार को लेकर राहत की आस लगाए बैठे शिक्षा मित्रों की मांग को कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया है। वसीम अहमद समेत कुल 220 लोगों ने एक याचिका के माध्यम से स्पेशल TET 2026 में शामिल किए जाने की गुहार लगाई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने क्या तर्क दिया
न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल इस आधार पर कि कोई व्यक्ति सामान्य TET परीक्षा में बैठने के योग्य है, वह किसी विशेष या अलग TET में शामिल होने का कानूनी दावा नहीं कर सकता। कोर्ट का मानना है कि परीक्षा के नियमों और पात्रता के दायरे में किसी भी तरह का बदलाव या ढील देना प्रशासनिक और कानूनी दृष्टिकोण से उचित नहीं है।
क्या है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश में कार्यरत शिक्षा मित्र काफी समय से अपनी नियुक्ति और पात्रता परीक्षाओं को लेकर सरकार और न्यायालय के समक्ष अपनी बातें रखते रहे हैं। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि उन्हें स्पेशल TET 2026 में बैठने का मौका दिया जाना चाहिए। हालांकि, अब हाईकोर्ट के इस ताजा रुख के बाद शिक्षा मित्रों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। वर्तमान स्थिति में, वे अब स्पेशल परीक्षा के माध्यम से अपनी पात्रता साबित करने की उम्मीद नहीं रख सकते। यह आदेश प्रदेश के उन सभी शिक्षा मित्रों के लिए एक बड़ा सबक है जो नियमों में बदलाव की उम्मीद कर रहे थे।
Comments
0 comment