झज्जर डबल मर्डर: वीरेंद्र सहवाग स्कूल के पास मिले शवों की हुई पहचान, मुजफ्फरनगर के कामिल और इरशाद की हत्या से सनसनी हरियाणा 2 महीने पहले 70
हरियाणा के झज्जर में पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के स्कूल के पास मिले दो शवों की शिनाख्त उत्तर प्रदेश के कामिल और इरशाद के रूप में हुई है, जो राजस्थान के नीमराना में PG हॉस्टल चलाते थे।

हरियाणा के झज्जर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां गुरुग्राम रोड पर स्थित पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास दो युवकों के शव मिलने से हड़कंप मच गया है। इस सनसनीखेज डबल मर्डर की गुत्थी सुलझाने के बजाय और उलझती जा रही है। पुलिस इस मामले में कई दिशाओं में जांच कर रही है, जिसमें प्रॉपर्टी डीलिंग, आपसी रंजिश और पैसों का लेन-देन शामिल है। मृतकों की पहचान डिजिटल मीडिया की एक खबर के जरिए हो सकी, जिसके बाद उनके परिजन झज्जर पहुंचे।

डिजिटल मीडिया पर खबर देख पहुंचे परिजन

झज्जर पुलिस के लिए इन अज्ञात शवों की पहचान करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। लेकिन डिजिटल मीडिया पर प्रकाशित हुई एक खबर ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खबर में जब वीरेंद्र सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास शव मिलने की बात कही गई, तो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के अंतर्गत आने वाले जोला गांव के निवासी हरकत में आए। लोकेशन और अन्य विवरणों को देखकर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद वे तुरंत झज्जर के सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने दोनों शवों की पहचान कामिल और उनके साथी इरशाद के रूप में की।

मालिक और कर्मचारी से बढ़कर था 20 वर्षों का रिश्ता

मृतकों के परिजनों ने पुलिस को दोनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी है। परिजनों के मुताबिक, कामिल और इरशाद पिछले करीब 20 वर्षों से एक साथ काम कर रहे थे। कामिल जहां राजस्थान के नीमराना में एक PG हॉस्टल का संचालन करता था, वहीं इरशाद उसके यहां मुंशी के तौर पर काम संभालता था। इतने लंबे समय तक साथ रहने के कारण दोनों के बीच मालिक और कर्मचारी का रिश्ता नहीं रह गया था, बल्कि वे एक परिवार की तरह ही रहते थे। हर छोटे-बड़े फैसले और काम में दोनों की बराबर की सहभागिता रहती थी। इसके अलावा कामिल प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से भी जुड़े हुए थे, जो पुलिस की जांच का एक अहम बिंदु बन गया है।

काली स्कॉर्पियो से नीमराना के लिए हुए थे रवाना

वारदात से जुड़ी कड़ियों को जोड़ते हुए परिजनों ने बताया कि महज दो दिन पहले ही कामिल और इरशाद अपने पैतृक गांव जोला (मुजफ्फरनगर) से अपनी काली स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर राजस्थान के नीमराना के लिए निकले थे। नीमराना पहुंचने के बाद रविवार को भी उनकी अपने परिवारों से फोन पर सामान्य बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों सामान्य लग रहे थे और किसी को इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं था कि इसके कुछ ही घंटों के भीतर उनके साथ इतनी बड़ी और खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया जाएगा।

दो रूममेट्स का रहस्यमयी ढंग से गायब होना खड़ा करता है सवाल

इस दोहरे हत्याकांड में एक बेहद संदिग्ध पहलू भी सामने आया है। परिजनों ने बताया कि नीमराना में जहां कामिल और इरशाद रहते थे, वहां उनके साथ दो अन्य लोग भी रहते थे। सबसे पहले इन्हीं दोनों लोगों ने परिजनों को फोन कर दोनों की दुर्घटना होने की सूचना दी थी। इसके बाद वे दोनों झज्जर भी आए थे, लेकिन फिर अचानक वहां से रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गए। परिजनों और पुलिस का मानना है कि इन दोनों गायब साथियों के पास इस हत्याकांड से जुड़े कई अहम राज हो सकते हैं और उनकी तलाश से ही मौत के पीछे छिपे असली सच का पता चल सकता है।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस खौफनाक वारदात के बाद कामिल और इरशाद के घरों में मातम छाया हुआ है। कामिल अपने पीछे एक बड़ा परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें उनके 3 बेटे और 3 बेटियां शामिल हैं। उनके दो बेटों की शादी भी हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर, इरशाद के परिवार में उनकी 3 बेटियां हैं, जिनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। इस दुखद खबर के बाद जोला गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध है।

जांच में जुटीं पुलिस की कई टीमें

झज्जर के थाना प्रभारी परमजीत ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस दोनों मृतकों की मौत से पहले की हर गतिविधि की बहुत ही बारीकी से जांच कर रही है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और अन्य महत्वपूर्ण सुरागों पर काम कर रही हैं। थाना प्रभारी का कहना है कि जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ेगा, इस सनसनीखेज डबल मर्डर केस में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस दोनों शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को पूरा करने में जुटी है, जिसके बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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