झारखंड
एक घंटा पहले
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सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
झारखंड के जामताड़ा जिले की पंजनिया पंचायत में डेराडीह से डुमरीकुहली तक बन रही पीसीसी सड़क को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से करीब 20 लाख रुपये की लागत से इस सड़क का निर्माण कराया जा रहा था, लेकिन निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
मानकों की अनदेखी का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान तय मानकों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा था। ढलाई के काम के वक्त मौके पर न तो विभाग का कोई अधिकारी मौजूद था और न ही ठेकेदार का कोई प्रतिनिधि। ग्रामीणों का कहना है कि जल्दबाजी में घटिया सामग्री का इस्तेमाल करके सड़क बनाई जा रही थी, जिससे इसके जल्दी खराब होने का डर है।
3 मई 2026 को हुआ था शिलान्यास
इस सड़क योजना का शिलान्यास 3 मई 2026 को झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और जामताड़ा के विधायक डॉ. इरफान अंसारी द्वारा किया गया था। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि इस सड़क के बनने से आवागमन सुगम हो जाएगा, लेकिन काम शुरू होते ही भ्रष्टाचार के आरोपों ने योजना पर ग्रहण लगा दिया है।
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की नाराजगी
समाजसेवी अकबर अंसारी का कहना है कि यह इलाका आदिवासी बहुल है और यहां विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं समाजसेवी सुभाष मिर्धा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला उपायुक्त को लिखित शिकायत देंगे। पंचायत के मुखिया नरेंद्र मुर्मू ने भी अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत पर नाराजगी जताई है।
जांच का आश्वासन
विवाद बढ़ने के बाद ग्रामीण विकास विभाग के सहायक अभियंता मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच पूरी होने तक सड़क निर्माण का काम दोबारा शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
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