झारखंड
एक घंटा पहले
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जमशेदपुर के युवा कलाकार विवेक मिश्रा एक बार फिर अपनी निराली कला के कारण चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। अपनी विशिष्ट कलाकृतियों के लिए पहचान बना चुके विवेक इस बार करीब 4 लाख मोतियों से राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण की विशाल तस्वीर गढ़ रहे हैं। यह रचना जहां उनकी मेहनत और समर्पण की बानगी है, वहीं आस्था और कला के सुंदर मेल का प्रतीक भी है। दिलचस्प बात यह है कि इसे बनाने की प्रेरणा उन्हें कथावाचक और संत प्रेमानंद महाराज से मिली।
पहले भी रच चुके हैं अनोखी कलाकृतियां
विवेक मिश्रा इससे पूर्व भी कई अनूठी कृतियां तैयार कर चुके हैं। उन्होंने मोतियों के माध्यम से मां दुर्गा और सूर्य देव की मनमोहक तस्वीरें बनाई थीं। इसके साथ ही हजारों फूलों की सहायता से उद्योगपति रतन टाटा और प्रेमानंद महाराज की विशाल तस्वीर बनाकर भी उन्होंने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था। उनकी इन रचनाओं को देशभर में सराहा गया और सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इन्हें खूब पसंद किया।
कैसे मन में उतरी यह कल्पना
विवेक बताते हैं कि जनवरी 2026 में जब वे प्रेमानंद महाराज की तस्वीर लेकर उनसे भेंट करने पहुंचे थे, तब बातचीत के दौरान महाराज जी ने कहा था कि उन्हें राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीरें बेहद प्रिय हैं और वे उनके परम भक्त हैं। प्रेमानंद महाराज की यही बात विवेक के मन में घर कर गई। उसी पल उन्होंने ठान लिया कि वे राधा-कृष्ण की ऐसी तस्वीर रचेंगे, जो श्रद्धा, कला और भक्ति का अनुपम उदाहरण बने।
दिन में नौकरी और रात में कला साधना
बीते तीन महीनों से विवेक इस परियोजना पर निरंतर जुटे हुए हैं। बैंक में कार्यरत विवेक दिनभर अपने दफ्तर की जिम्मेदारियां संभालते हैं और रात को घर लौटने के बाद कला साधना में लीन हो जाते हैं। वे रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक अपनी पत्नी और दो साल की बेटी के साथ मिलकर इस कृति को आकार देते हैं। परिवार का सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ऊर्जा है, जिसके बल पर यह बड़ी परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
4 लाख मोतियों से तैयार हो रही है तस्वीर
करीब 11 फीट लंबी और 7 फीट चौड़ी यह तस्वीर लगभग 4 लाख मोतियों को जोड़कर बनाई जा रही है। खास तकनीक से रची जा रही इस कृति की सबसे बड़ी खूबी इसकी चमक है। विवेक के मुताबिक, जब कमरे की सामान्य रोशनी बुझा दी जाती है, तब मोतियों की चमक में राधा रानी और श्रीकृष्ण की छवि इतनी सजीव दिखती है, मानो स्वयं उनके दर्शन हो रहे हों। यही कारण है कि इसे देखने वाले लोग अचंभित रह जाते हैं।
बन सकता है नया रिकॉर्ड
विवेक का दावा है कि इतनी विशाल संख्या में मोतियों से तैयार हो रही यह कृति एक नया रिकॉर्ड भी कायम कर सकती है। फिलहाल तस्वीर को अंतिम रूप देने के लिए रेजिन कोटिंग और आकर्षक बॉर्डर का काम चल रहा है। उनका लक्ष्य अगले एक सप्ताह में इसे पूरी तरह तैयार कर लेने का है। इसके बाद वे अपने पूरे परिवार के साथ वृंदावन पहुंचकर यह विशेष कृति प्रेमानंद महाराज को भेंट करेंगे। जमशेदपुर का यह युवा कलाकार अपनी मेहनत, लगन और भक्ति के माध्यम से एक बार फिर शहर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने की तैयारी में जुटा है।
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