जामनगर का खौफनाक 'दृश्यम' मर्डर: पति को मारकर 10 फीट नीचे गाड़ा, 2 साल तक झूठ बोलती रही पत्नी गुजरात एक घंटा पहले 5
गुजरात के जामनगर में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को कारखाने में दफना दिया। महिला पिछले दो साल से सबको यह झूठ बोल रही थी कि उसका पति ऑस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहा है।

जामनगर में सामने आई दिल दहला देने वाली साजिश

गुजरात के जामनगर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने फिल्म 'दृश्यम' की कहानी को भी पीछे छोड़ दिया है। इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक पत्नी ने अपने पुराने प्रेमी के साथ मिलकर न केवल अपने पति को मौत के घाट उतारा, बल्कि सबूत मिटाने के लिए उसके शव को कारखाने के फर्श के नीचे 10 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी महिला पिछले दो साल तक अपने पूरे ससुराल वालों और रिश्तेदारों को यह कहकर गुमराह करती रही कि उसका पति ऑस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहा है। अंत में, परिवार के एक सदस्य के विदेश जाने की जिद ने इस खौफनाक राज से पर्दा उठा दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी पत्नी और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है।

जिग्नेश की हत्या की खौफनाक दास्तान

पुलिस के अनुसार, यह पूरी वारदात जामनगर के दरेड इलाके में स्थित शिवम पार्क के पास अंजाम दी गई। मृतक की पहचान जिग्नेश मावदिया के रूप में हुई है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उसकी पत्नी पृथ्वी के अपने एक पुराने प्रेमी के साथ अवैध संबंध थे। इसी रास्ते को साफ करने के लिए उन्होंने जिग्नेश की हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने जिग्नेश को पार्टी करने के बहाने अपने कारखाने में बुलाया। वहां उसे शराब पिलाई गई, जिसमें पहले से ही साइनाइड मिला हुआ था। जहरीली शराब के सेवन से जिग्नेश की मौके पर ही मौत हो गई।

सबूत मिटाने के लिए अपनाई साजिश

हत्या के बाद आरोपियों ने इस अपराध को छिपाने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। कारखाने के अंदर ही उन्होंने करीब 10 फीट गहरा गड्ढा खोदा और जिग्नेश के शव को उसमें दफना दिया। शव को छिपाने के बाद उन्होंने ऊपर से फर्श को ठीक कर दिया ताकि किसी को कोई शक न हो। हत्या को छिपाने के लिए वे लगातार ऐसी परिस्थितियां बनाते रहे जिससे कि किसी को हत्या की भनक तक न लगे।

दो साल तक परिवार को रखा अंधेरे में

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पत्नी पृथ्वी ने झूठ का सहारा लिया। वह अपने सास-ससुर और रिश्तेदारों से लगातार यही कहती रही कि जिग्नेश ऑस्ट्रेलिया चला गया है और वहां किसी कंपनी में काम कर रहा है। जब भी परिवार के लोग उससे जिग्नेश का फोन नंबर मांगते, वह बहाना बना देती कि कंपनी में काम के दौरान मोबाइल फोन रखने की इजाजत नहीं है। इस तरह से वह करीब दो साल तक सभी को झांसा देने में कामयाब रही।

एक सवाल से खुला राज

झूठ की यह इमारत तब ढह गई जब परिवार का एक सदस्य खुद ऑस्ट्रेलिया जाने की तैयारी करने लगा। उसने आरोपी पत्नी से कहा कि वह वहां जाकर जिग्नेश से मिलेगा और उसका संपर्क नंबर मांगा। जब आरोपी महिला ने इस बार भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो परिवार को उस पर शक गहरा गया। परिवार ने पुलिस में शिकायत करने की चेतावनी दी। पुलिस का नाम सुनते ही आरोपी महिला पूरी तरह घबरा गई और पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पुलिस की कार्रवाई और शव बरामदगी

मृतक के भाई अशोक मावदिया ने जामनगर के सिटी बी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एएसपी प्रतिभा राव, एलसीबी के पीआई वीबी चौधरी और अन्य पुलिस अधिकारी एक कार्यपालक मजिस्ट्रेट के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मशीनों की मदद से कारखाने के फर्श को खुदवाया। करीब 10 फीट की खुदाई के बाद पुलिस ने जिग्नेश के अवशेष बरामद कर लिए। पुलिस ने इन अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। मामले में अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस खौफनाक हत्याकांड में किसी तीसरे व्यक्ति की भी भूमिका थी। दोनों मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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