बरसात में आपके गार्डन की रौनक बढ़ा देंगे ये 5 खास पौधे, कम मेहनत में पाएंगे भरपूर हरियाली राजस्थान एक महीने पहले 60
मानसून का सीजन बागवानी के शौकीनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस दौरान कुछ चुनिंदा पौधों की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है, जो आपके घर की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं।

मानसून में बागवानी का सही समय

बारिश के मौसम में वातावरण में छाई नमी और हवा में मौजूद प्राकृतिक आर्द्रता पौधों के विकास के लिए सबसे अनुकूल स्थिति पैदा करती है। अगर आप भी अपने घर या बालकनी को हरियाली से सजाना चाहते हैं, तो मानसून का समय इसके लिए सबसे बेहतरीन है। इस मौसम में कुछ खास पौधों को लगाना काफी आसान होता है और वे बहुत कम देखभाल के बाद भी तेजी से फलते-फूलते हैं।

तुलसी का पौधा

भारतीय घरों में तुलसी को एक विशेष स्थान दिया गया है। मानसून के दौरान जब वातावरण में नमी बढ़ जाती है, तो तुलसी का पौधा बहुत तेजी से पनपता है। इसकी पत्तियां हरी-भरी और चमकदार हो जाती हैं। इसे आप छोटे से गमले में भी लगा सकते हैं। तुलसी का उपयोग न केवल घर की शोभा बढ़ाने के लिए किया जाता है, बल्कि इसकी पत्तियों का उपयोग चाय और काढ़े में भी होता है। हालांकि, इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गमले में अतिरिक्त पानी जमा न हो, क्योंकि जलभराव होने से पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं।

गिलोय की बेल

गिलोय एक ऐसी गुणकारी बेल है जो मानसून की पहली फुहार के साथ ही तेजी से फैलना शुरू कर देती है। इसे आप किसी दीवार, जाली या अन्य बड़े पेड़ के सहारे आसानी से चढ़ा सकते हैं। बारिश का पानी मिलने के बाद इसकी बेल बहुत जल्दी बढ़ती है और इसे रखरखाव के लिए बहुत अधिक मशक्कत की जरूरत नहीं पड़ती है। आयुर्वेद में गिलोय को काफी महत्वपूर्ण माना गया है, इसलिए इसे घर में उगाना हरियाली के साथ-साथ औषधीय लाभ भी प्रदान करता है।

एलोवेरा का पौधा

एलोवेरा एक बेहद कम देखरेख वाला पौधा है जिसे आप मानसून के दौरान आसानी से अपने गार्डन में शामिल कर सकते हैं। इसे बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है, इसलिए ध्यान रखें कि इसकी जड़ों में पानी का जमाव न होने पाए। एलोवेरा की मोटी और गूदेदार पत्तियों में मौजूद जेल का इस्तेमाल त्वचा और बालों की देखभाल के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। चाहे बालकनी हो या छोटी जगह, यह पौधा कहीं भी आसानी से विकसित हो जाता है।

मोगरा और गुड़हल

मानसून के दौरान मोगरा और गुड़हल जैसे फूल वाले पौधे भी अपनी पूरी ऊर्जा के साथ बढ़ते हैं। मोगरा अपनी खुशबू के लिए जाना जाता है, जबकि गुड़हल के रंग-बिरंगे फूल घर की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। इन पौधों को पर्याप्त नमी की जरूरत होती है, इसलिए बारिश का मौसम इनके लिए संजीवनी का काम करता है। अगर आप इन पौधों को सही दिशा में रखेंगे, तो ये पूरे सीजन आपको भरपूर फूल देंगे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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