जालौर के 'रक्तवीर' नीतेश भटनागर: एक फोन कॉल पर पहुंचाते हैं खून, निस्वार्थ भाव से बचा रहे सैकड़ों जिंदगियां राजस्थान 2 घंटे पहले 3
जालौर के नीतेश भटनागर अब तक 40 से ज्यादा बार रक्तदान कर चुके हैं और सिर्फ एक कॉल पर जरूरतमंदों को मुफ्त ब्लड उपलब्ध कराते हैं। उनकी निस्वार्थ सेवा से आज सैकड़ों जिंदगियां बच रही हैं।

जालौर इलाके में नीतेश भटनागर एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसे लोग 'रक्तवीर' के रूप में जानते और पहचानते हैं। जरूरत के समय जब किसी को खून की दरकार होती है, तो सबसे पहले जो नाम जुबान पर आता है, वह नीतेश का ही होता है। महज एक फोन कॉल पर वे जरूरतमंदों तक मुफ्त रक्त पहुंचाने का काम करते हैं।

40 से ज्यादा बार कर चुके हैं रक्तदान

नीतेश अब तक 40 से ज्यादा बार रक्तदान कर चुके हैं। उनके लिए यह कोई दिखावे का काम नहीं, बल्कि इंसानियत की सच्ची सेवा है। चाहे गर्भवती महिला का मामला हो या फिर सड़क दुर्घटना का कोई केस, मुसीबत की घड़ी में लोग सबसे पहले उन्हें ही याद करते हैं।

युवाओं का बनाया खास नेटवर्क

अकेले इस मुहिम को आगे बढ़ाने के बजाय नीतेश ने युवाओं का एक विशेष नेटवर्क तैयार किया है। आपातकाल की स्थिति में यह समूह तुरंत आगे आकर खून देने का काम करता है, जिससे किसी भी जरूरतमंद को समय रहते रक्त मिल पाता है।

कौन कर सकता है रक्तदान

नीतेश के अनुसार, 45 किलो वजन और 12 ग्राम हीमोग्लोबिन वाला कोई भी स्वस्थ व्यक्ति आसानी से रक्तदान कर सकता है। वे लोगों को इस बारे में जागरूक भी करते हैं ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ सकें।

निस्वार्थ सेवा से बच रहीं सैकड़ों जिंदगियां

नीतेश की इसी निस्वार्थ और निरंतर सेवा का नतीजा है कि आज सैकड़ों जिंदगियां बच पा रही हैं। बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले नीतेश आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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