मंदिर और दुकानों में लगती थीं कक्षाएं, सरकारी मदद न मिली तो ग्रामीणों ने खुद बना डाला स्कूल राजस्थान एक घंटा पहले 5
जयपुर के सांभरलेक क्षेत्र की कोच्या की ढाणी में ग्रामीणों, भामाशाहों और नवयुवक मंडल ने मिलकर लाखों रुपये जुटाए और नए विद्यालय भवन का निर्माण शुरू कराया।

जयपुर के सांभरलेक क्षेत्र की कोच्या की ढाणी में ग्रामीणों, भामाशाहों और नवयुवक मंडल ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी मिसाल कायम की है। जर्जर हो चुके स्कूल भवन को गिराए जाने के बाद गांव के लोगों ने सरकारी सहायता का इंतजार करने के बजाय खुद आगे आकर मोर्चा संभाला और मिलकर लाखों रुपये की राशि जुटाई। इसी जनसहयोग से नए विद्यालय भवन के निर्माण की शुरुआत कराई गई।

डूब क्षेत्र में था स्कूल, पहले कराया भराव

विद्यालय परिसर पहले डूब क्षेत्र में स्थित था, इसलिए निर्माण से पूर्व ग्रामीणों ने सबसे पहले परिसर में भराव का कार्य करवाया। इसके बाद तीन कमरों और तीन बरामदों के निर्माण की योजना तैयार की गई, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त और सुरक्षित स्थान मिल सके।

बच्चों को मिलेगा बेहतर शैक्षणिक माहौल

निर्माण कार्य पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। ग्रामीणों की यह पहल गांव के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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