राजस्थान में UCC पर सरकार का बड़ा कदम, क्या आपके फोन पर भी पहुंचा सुझाव मांगने वाला संदेश? राजस्थान एक महीने पहले 66
राजस्थान सरकार ने समान सिविल संहिता यानी UCC को लेकर जनता से राय मांगी है। इसके लिए मोबाइल फोन पर संदेश भेजे जा रहे हैं और एक विशेष पोर्टल भी बनाया गया है ताकि नागरिक नीति निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

राजस्थान में समान सिविल संहिता को लेकर नई कवायद

राजस्थान में सरकार ने समान सिविल संहिता यानी UCC के विषय पर एक बड़ी पहल की है। राज्य में इस कानून को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार ने अब सीधे प्रदेश के नागरिकों से उनकी राय और बहुमूल्य सुझाव मांगे हैं। इस प्रक्रिया को व्यापक बनाने के लिए सरकार ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है और लोगों के मोबाइल नंबरों पर आधिकारिक संदेश भेजने शुरू कर दिए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी भी महत्वपूर्ण नीति को तैयार करने से पहले आमजन की मंशा और उनके विचारों को गंभीरता से समझा जा सके। मोबाइल पर आए इस संदेश ने राज्य की जनता के बीच एक नई बहस और चर्चा को जन्म दे दिया है।

क्या है सरकार का संदेश और इसका उद्देश्य

राज्य के निवासियों के फोन पर पहुंच रहे इस SMS में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि राजस्थान सरकार समान सिविल संहिता को लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस संदेश के माध्यम से लोगों से आग्रह किया गया है कि वे इस विषय पर अपने विचार साझा करें। सरकार का मानना है कि नागरिक यदि अपने सुझाव देंगे, तो वे राज्य की नीति निर्माण प्रक्रिया में सीधे तौर पर भागीदार बन पाएंगे। इस पूरी कवायद का लक्ष्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करना है, ताकि कानून बनाने से पहले जनता की अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से समझा जा सके।

पोर्टल के जरिए सुझाव देने की व्यवस्था

सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए केवल SMS पर ही निर्भरता नहीं रखी है, बल्कि इसके लिए एक व्यवस्थित ऑनलाइन पोर्टल भी तैयार किया है। इस पोर्टल पर कोई भी नागरिक आसानी से लॉग इन करके अपने सुझाव दर्ज करा सकता है। पोर्टल के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए यह बताया गया है कि वहां समिति से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी और संपर्क के साधन भी उपलब्ध कराए गए हैं। गृह विभाग इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है और उन्होंने सुझाव प्राप्त करने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। जो भी व्यक्ति अपने विचार रखना चाहता है, वह इन डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकता है।

नीति निर्माण में जनता की भागीदारी का महत्व

राजस्थान सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि UCC जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण कानून के लिए जनता की राय सर्वोपरि है। इसी कारण से सरकारी तंत्र सीधे आम लोगों तक पहुंच रहा है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि यदि लोग इस नीति निर्माण की प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाएंगे, तो इससे कानून की स्वीकार्यता और भी बढ़ेगी। वर्तमान में सरकार अपने विचार के साथ सुझावों को आमंत्रित कर रही है, ताकि इसे भविष्य में एक ठोस रूप दिया जा सके।

भविष्य में क्या होने की उम्मीद है

फिलहाल सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल चर्चा का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य के विभिन्न वर्गों, समुदायों और आम नागरिकों की ओर से किस प्रकार के सुझाव सामने आते हैं। एक बार जब सुझावों का संकलन पूरा हो जाएगा, तो यह देखने वाली बात होगी कि गठित समिति अपनी रिपोर्ट में इन सुझावों को किस प्रकार से शामिल करती है। जैसे-जैसे यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और जनता का फीडबैक सामने आएगा, राजस्थान में UCC को लेकर चर्चा और भी तेज होने की प्रबल संभावना है। फिलहाल, राज्य सरकार जनता की भागीदारी के जरिए एक पारदर्शी कानून बनाने की राह पर चल रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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