राजस्थान
15 घंटे पहले
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बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद कुछ प्रसूताओं की किडनी प्रभावित होने की घटनाओं ने प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस मामले को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने हैं, वहीं पीड़ित परिवारों में चिंता बनी हुई है।
बेनीवाल का सरकार पर हमला
आरएलपी सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने राज्य सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि कोटा की घटना के बाद अब बीकानेर के इस मामले ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं की असलियत उजागर कर दी है। उनका आरोप है कि अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और इंतजामों की हकीकत इन घटनाओं से सामने आ रही है।
चिकित्सा मंत्री का स्पष्टीकरण
दूसरी ओर, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इस पूरे प्रकरण पर सफाई देते हुए कहा कि बीकानेर के सभी मरीज अलग-अलग तारीखों और भिन्न परिस्थितियों में अस्पताल में भर्ती हुए थे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि घबराने की कोई बात नहीं है।
विशेषज्ञ टीम कर रही जांच
सरकार के अनुसार अधिकांश मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। पूरे मामले की गहराई से पड़ताल के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है, जो विस्तृत जांच में जुटी है ताकि कारणों का पता लगाया जा सके।
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