राजस्थान
एक घंटा पहले
2
विचारों
वन विभाग के एक अधिकारी अपने अनोखे अंदाज और साइकिल के प्रति गहरे लगाव की वजह से लोगों के बीच एक खास पहचान बना चुके हैं। 57 वर्ष की उम्र में भी उनका हौसला और जोश युवाओं को मात देता है, यही कारण है कि स्थानीय लोग उन्हें प्यार और सम्मान से 'साइकिलमैन' कहकर पुकारते हैं।
ड्यूटी पर भी साइकिल ही सवारी
इस अधिकारी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे अपने सरकारी कामकाज के दौरान भी साइकिल को ही अपना साधन बनाते हैं। साइकिल पर सवार होकर लंबी दूरी तय करते हुए वे एक जिले से दूसरे जिले तक का सफर पूरा कर लेते हैं। उनके लिए साइकिल केवल आवागमन का जरिया नहीं, बल्कि जीवनशैली का अहम हिस्सा बन चुकी है।
फिटनेस के साथ पर्यावरण का संदेश
उनका मकसद सिर्फ खुद को तंदुरुस्त रखना नहीं है। वे अपनी इस आदत के जरिए पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण मुक्त जीवनशैली का संदेश भी आम लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। बीते कई वर्षों से साइकिल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके इस अधिकारी ने कई लोगों को स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल जीवन अपनाने की प्रेरणा दी है।
सादगी और अनुशासन बनी पहचान
उनकी सादगी, अनुशासन और काम के प्रति समर्पण ही उन्हें बाकी लोगों से अलग खड़ा करता है। यही गुण उन्हें आम जनता के बीच एक खास मुकाम दिलाते हैं। आज स्थानीय लोग न सिर्फ उन्हें 'साइकिलमैन' के नाम से जानते हैं, बल्कि उनकी मेहनत और लगन की दिल खोलकर सराहना भी करते हैं।
Comments
0 comment