नागौर-बीकानेर हाईवे बनेगा फोरलेन, 1359.33 करोड़ की परियोजना से रफ्तार पकड़ेगा क्षेत्र का विकास राजस्थान एक घंटा पहले 1
केंद्र सरकार ने नागौर-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-62) को फोरलेन बनाने की मंजूरी दे दी है। बीओटी टोल मॉडल पर बनने वाली इस 1359.33 करोड़ रुपये की परियोजना से यात्रा, व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पश्चिमी राजस्थान के निवासियों के लिए सड़क संपर्क से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है। नागौर और बीकानेर के बीच आवाजाही करने वालों को जल्द ही बेहतर और तेज सड़क सुविधा मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नागौर-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-62) को फोरलेन में तब्दील करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस पूरी परियोजना पर लगभग 1359.33 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी।

यह मंजूरी उस दौर में आई है, जब राज्य में सड़क ढांचे को लगातार सुदृढ़ बनाने पर बल दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि परियोजना के पूरा होने पर केवल आवागमन ही सुगम नहीं होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों को भी प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा।

फोरलेन बनने से बदलेगी पूरे इलाके की सूरत

सरकारी जानकारी के मुताबिक नागौर-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-62) के फोरलेन निर्माण का कार्य बीओटी (टोल) मॉडल के आधार पर पूरा किया जाएगा। इस मार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात और बेहतर सड़क की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अब स्वीकृति मिल जाने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की राह साफ हो गई है।

नागौर और बीकानेर, दोनों ही पश्चिमी राजस्थान के अहम जिले माने जाते हैं। इन दोनों शहरों के बीच आना-जाना करने वाले आम लोगों, कारोबारियों, किसानों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को इस परियोजना का सीधा फायदा मिलने की संभावना है। सड़क के चौड़ी होने से यात्रा में लगने वाला समय घटेगा और सड़क सुरक्षा के स्तर में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

निवेश और रोजगार के नए द्वार खुलने की उम्मीद

परियोजना को मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि डबल इंजन सरकार के विजन के तहत राजस्थान में बुनियादी ढांचे के विकास को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक सड़क नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार नागौर-बीकानेर फोरलेन परियोजना महज एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह समूचे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करने का काम करेगी। बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होने से निवेशकों का रुझान बढ़ सकता है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है।

उद्योग और पर्यटन को भी मिलेगा बल

सरकार का मानना है कि इस परियोजना से औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क होने पर माल का परिवहन आसान होगा और उद्योगों को भी सहूलियत मिलेगी। इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्र पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बीकानेर और इसके आसपास के इलाकों में पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए सड़क यात्रा कहीं अधिक सुविधाजनक हो जाएगी, जिसका लाभ स्थानीय व्यापारियों को भी मिलने की उम्मीद है।

लंबी अवधि में यह परियोजना क्षेत्र के विकास की रफ्तार को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि नागौर और बीकानेर समेत आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने इसे विकसित राजस्थान के संकल्प को आगे ले जाने वाला अहम कदम बताया। फिलहाल लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि परियोजना का काम कब आरंभ होता है और इसका असर जमीनी स्तर पर कब नजर आने लगता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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