पत्नी की सर्जरी का हवाला देकर सौरभ शर्मा ने हाईकोर्ट से मांगी अस्थायी जमानत, इनोवा कार से मिला था करोड़ों का कैश और सोना मध्य प्रदेश एक महीने पहले 14
आरटीओ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की 60 दिन की अस्थायी जमानत याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। शर्मा ने पत्नी की सर्जरी और दो नाबालिग बच्चों की देखभाल को आधार बनाया है।

आरटीओ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े चर्चित मामले के आरोपी पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा की 60 दिन की अस्थायी जमानत याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। जस्टिस विशाल मिश्रा की अवकाशकालीन एकलपीठ ने दोनों पक्षों का पक्ष सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

इससे पहले जिला अदालत और हाईकोर्ट, दोनों ही उनकी नियमित जमानत याचिकाओं को खारिज कर चुके हैं। इस बार सौरभ शर्मा ने मानवीय आधार पर राहत की गुहार लगाई है।

याचिका में किस आधार पर मांगी गई जमानत

अपनी याचिका में सौरभ शर्मा ने दलील दी है कि उनकी पत्नी दिव्या तिवारी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। उन्हें डिविएटेड नेजल सेप्टम और क्रोनिक साइनसाइटिस की शिकायत है, जिसके चलते चिकित्सकों ने फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी कराने की सलाह दी है।

शर्मा का कहना है कि ऑपरेशन और उसके बाद की देखभाल के दौरान उनकी पत्नी की देखरेख करने वाला परिवार में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं है। इसके अलावा दो नाबालिग बच्चों की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर है, इसलिए उनका जेल से बाहर रहना आवश्यक है।

ईडी ने उठाए दावों पर सवाल

सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत में अपनी दलीलें और जांच से जुड़े बयान प्रस्तुत किए। एजेंसी ने पत्नी, मां और अन्य परिजनों के बयानों का हवाला देते हुए सौरभ शर्मा के दावों पर सवाल खड़े किए।

ईडी का कहना है कि परिवार में देखभाल करने वाला कोई और सदस्य नहीं होने का दावा पूरी तरह सही नहीं है।

108 करोड़ से अधिक की संपत्ति का आरोप

ईडी की जांच के अनुसार, सौरभ शर्मा पर 108 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जुटाने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि मेंदोरी से जब्त की गई एक इनोवा कार से 11.60 करोड़ रुपए नकद और करीब 51.893 किलोग्राम सोना बरामद हुआ था।

अब तक इस मामले में कुल 108.24 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। फिलहाल सबकी निगाहें हाईकोर्ट के अंतिम आदेश पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि सौरभ शर्मा को 60 दिन की अस्थायी जमानत मिलेगी या नहीं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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