नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त, अब यात्रा के लिए पहचान पत्र और मोबाइल नंबर अनिवार्य बिहार एक घंटा पहले 3
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब यात्रियों को पहचान पत्र, वाहन के कागजात और मोबाइल नंबर दिखाना जरूरी होगा। सीतामढ़ी बॉर्डर के विभिन्न रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर मेटल डिटेक्टर से गहन जांच की जा रही है।

भारत-नेपाल सीमा पर नई सुरक्षा व्यवस्था

बिहार के सीतामढ़ी जिले से लगी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा घेरे को बेहद मजबूत कर दिया है। सीमा पार होने वाली आवाजाही पर अब पहले की तुलना में कहीं अधिक निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा मानकों में हुए इस अचानक बदलाव का असर सीतामढ़ी के प्रमुख सीमावर्ती इलाकों जैसे भिट्ठामोड़, सोनबरसा, सुरसंड और बैरगनिया में साफ तौर पर देखा जा सकता है। अब नेपाल की सीमा में प्रवेश करना आसान नहीं रह गया है क्योंकि सुरक्षा बलों ने हर आने-जाने वाले व्यक्ति की पहचान सत्यापित करने के लिए कड़े निर्देश लागू किए हैं।

यात्रा के लिए जरूरी दस्तावेज और शर्तें

यदि आप भारत से नेपाल जाने की योजना बना रहे हैं, तो अब आपको अपनी तैयारी पूरी रखनी होगी। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल गाड़ियों के दस्तावेज दिखाना ही काफी नहीं होगा। नए नियमों के दायरे में आने वाली मुख्य आवश्यकताएं इस प्रकार हैं:

  • वाहन के दस्तावेज: यात्रा के लिए इस्तेमाल होने वाली कार या बाइक की आरसी (RC), प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र और भंसार या परमिट का होना अनिवार्य है।
  • वैध पहचान पत्र: यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पास अपना मूल पहचान पत्र होना आवश्यक है।
  • मोबाइल नंबर: सुरक्षा जांच के दौरान अपना चालू मोबाइल नंबर दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

इन सभी दस्तावेजों का सत्यापन मौके पर किया जा रहा है। यदि किसी यात्री के पास वैध पहचान पत्र उपलब्ध नहीं है, तो उसे नेपाल सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बॉर्डर पर जगह-जगह सख्त चेकिंग

सीतामढ़ी के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व सतर्कता बरती जा रही है। केवल मुख्य चेक-पोस्ट ही नहीं, बल्कि जिन रास्तों को पहले खुला बॉर्डर माना जाता था, वहां भी अब जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई है। सुरक्षा जवान हर आने-जाने वाले व्यक्ति को रोककर डिजिटल स्कैनर और क्यूआर कोड के माध्यम से दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में मेटल डिटेक्टर मशीनों का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे गुजरना अब अनिवार्य है।

दिलचस्प बात यह है कि यह नियम सभी के लिए समान हैं। चाहे आप पैदल यात्रा कर रहे हों या किसी वाहन में सवार हों, जांच की प्रक्रिया से गुजरना ही होगा। यदि आप चार पहिया वाहन में यात्रा कर रहे हैं, तो आपको गाड़ी से उतरकर मेटल डिटेक्टर मशीन के सामने से गुजरना होगा, उसके बाद ही वाहन के साथ आगे जाने की अनुमति मिलेगी। पुरुष, महिला और यहां तक कि बच्चों की भी मेटल डिटेक्टर से गहन जांच सुनिश्चित की जा रही है।

स्थानीय लोगों और ग्रामीणों की मुश्किलें

भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराना 'बेटी और रोटी' का गहरा संबंध रहा है। इस क्षेत्र के ग्रामीण, दैनिक मजदूरी करने वाले लोग और छोटे व्यापारी रोजगार, खरीदारी या पारिवारिक कार्यक्रमों के सिलसिले में रोजाना सीमा पार करते हैं। अचानक लागू की गई इस सख्ती से स्थानीय लोगों के लिए दिनचर्या कठिन हो गई है। खासकर बुजुर्गों और उन महिलाओं को ज्यादा परेशानी हो रही है जो हमेशा अपने साथ पहचान पत्र नहीं रखती हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे सुरक्षा के महत्व को समझते हैं, लेकिन सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए नियमों में थोड़ी व्यवहारिक छूट दी जानी चाहिए ताकि उनकी दैनिक जरूरतों पर असर न पड़े।

अधिकारियों का रुख और सुरक्षा का पक्ष

सीमा पर बढ़ती सख्ती को लेकर सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने और अवांछित तत्वों की पहचान करने के लिए लिया गया है। भिट्ठामोड़ बॉर्डर के कमांडेंट एस. एन. जायसवाल ने इस स्थिति पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सीमा की सुरक्षा और देश के नागरिकों की सुरक्षा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि मुख्य रास्तों से लेकर खुले बॉर्डर वाले इलाकों में बैरिकेडिंग और पहचान पत्र की गहन जांच सुरक्षा व्यवस्था का ही हिस्सा है। एस. एन. जायसवाल ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए अपने सभी जरूरी मूल दस्तावेज और पहचान पत्र हमेशा साथ रखें। उन्होंने आधार कार्ड को घुसपैठियों पर नजर रखने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बताया। साथ ही, मोबाइल नंबर अनिवार्य करने के पीछे का तर्क यह है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में संपर्क करना आसान हो और यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता की जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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