मध्य प्रदेश
46 मिनट पहले
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मध्य प्रदेश में प्री-मानसून बारिश का दौर शुरू हो चुका है और 5 जून 2026 को राज्यभर में मौसमी हलचल पूरी तरह सक्रिय रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को 39 जिलों में आंधी-तूफान, गरज-चमक, तेज बारिश और कई स्थानों पर ओले गिरने को लेकर चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
भीषण लू और नौतपा की तपिश के बाद हुई बारिश से पूरे प्रदेश में तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। हालांकि मौसम विभाग ने किसानों से लेकर आम नागरिकों तक सभी को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि यह बदलाव राहत के साथ-साथ आफत भी लेकर आ रहा है।
दोनों हिस्सों में बढ़ी थंडरस्टॉर्म गतिविधियां
आईएमडी भोपाल के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों भागों में थंडरस्टॉर्म की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। उज्जैन, ग्वालियर, सागर और चंबल संभाग में ओलावृष्टि की आशंका बनी हुई है। राजधानी भोपाल में सुबह से आसमान पर बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बूंदाबांदी जारी है। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के घेरे के चलते यह मौसमी उथल-पुथल बनी हुई है, जिसका सीधा असर यातायात, कृषि और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
श्योपुर में पेड़ गिरने से युवक की मौत
बुधवार को श्योपुर के बस स्टैंड इलाके में आंधी और बारिश के बीच एक पेड़ गिर गया। हादसे में पेड़ तीन बाइक सवारों पर जा गिरा, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। यह घटना मौसम के खतरनाक पहलू को उजागर करती है। आईएमडी ने ऐसे क्षेत्रों में पेड़ों की मजबूती जांचने और पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है।
आईएमडी का जिलेवार अलर्ट
ऑरेंज अलर्ट: मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और नीमच में वज्रपात, ओलावृष्टि तथा 60 किमी/घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
येलो अलर्ट: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, रीवा, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा समेत कुल 39 जिले इसमें शामिल हैं।
कृषि, स्वास्थ्य और मानसून अपडेट
बारिश से खरीफ फसल की तैयारी को मदद मिल रही है, लेकिन ओले और तेज हवाओं से नुकसान का खतरा भी बना हुआ है। पशुपालकों को अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से डिहाइड्रेशन और वज्रपात से बचाव बरतने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की एंट्री 20 से 22 जून के आसपास होने की संभावना है।
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