मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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देश के लाखों रेल यात्रियों के लिए आने वाले महीनों में सफर का अनुभव पूरी तरह बदलने जा रहा है। इंदौर शहर के सबसे व्यस्त स्टेशन इंदौर जंक्शन के व्यापक पुनर्विकास की प्रक्रिया अब तेज हो चुकी है। रेलवे ने इस स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसी योजना के तहत ट्रेनों का संचालन चरणबद्ध तरीके से लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से करने की तैयारी चल रही है।
यह बदलाव केवल अस्थायी इंतजाम नहीं है, बल्कि इंदौर के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नई पहचान देने वाली बड़ी योजना का हिस्सा है। पश्चिम रेलवे और रतलाम मंडल के अधिकारियों के मुताबिक लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन की नई इमारत लगभग बनकर तैयार हो चुकी है। यहां टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, पार्किंग, यात्री सुविधाएं और तकनीकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
रेलवे का लक्ष्य है कि इंदौर जंक्शन पर निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को कम से कम परेशानी हो और संचालन सुचारु रूप से जारी रहे। यही वजह है कि पहले वैकल्पिक स्टेशन को पूरी तरह तैयार किया जा रहा है।
लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से शुरू होगा ट्रेनों का संचालन
रेलवे के अनुसार तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद चरणबद्ध तरीके से ट्रेनों का संचालन लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद इंदौर जंक्शन पर मेगा री-डेवलपमेंट का मुख्य कार्य तेज गति से आगे बढ़ेगा। उम्मीद है कि आने वाले समय में इंदौर को ऐसा स्टेशन मिलेगा जो सुविधाओं और आधुनिकता के मामले में देश के प्रमुख स्टेशनों की श्रेणी में शामिल हो सके।
इंदौर जंक्शन को मिलेगा नया स्वरूप
मेगा री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत इंदौर जंक्शन को आधुनिक स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना का मकसद यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। स्टेशन परिसर में बेहतर यात्री आवागमन, आधुनिक वेटिंग एरिया, उन्नत सुरक्षा प्रणाली, डिजिटल सूचना तंत्र और बेहतर कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस रहेगा।
लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन को क्यों चुना गया विकल्प
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि निर्माण कार्य के दौरान इंदौर जंक्शन पर ट्रेनों का नियमित संचालन चुनौतीपूर्ण रहेगा। इसी को देखते हुए लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन को वैकल्पिक टर्मिनल के रूप में विकसित किया गया है। यहां जरूरी यात्री सुविधाओं के साथ तकनीकी सिस्टम भी लगाए जा रहे हैं, ताकि ट्रेन संचालन प्रभावित न हो।
यार्ड में चल रहा बड़ा तकनीकी काम
इंदौर यार्ड क्षेत्र में फिलहाल नॉन-इंटरलॉकिंग का काम जारी है, जिसके लिए रेलवे ने मेजर ब्लॉक लिया है। इस दौरान ट्रैक सर्किट, सिग्नलिंग सिस्टम और कंप्यूटर आधारित ऑपरेशन कंट्रोल सिस्टम को नए स्टेशन परिसर में स्थानांतरित किया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया बेहद संवेदनशील होती है, क्योंकि ट्रेन संचालन की सुरक्षा सीधे इन्हीं प्रणालियों पर निर्भर करती है। इसी वजह से सभी काम तय सुरक्षा मानकों के तहत किए जा रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारी कर रहे निगरानी
पश्चिम रेलवे के जोनल और रतलाम मंडल के वरिष्ठ अधिकारी पूरे प्रोजेक्ट की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। रेलवे का दावा है कि तकनीकी बदलावों और शिफ्टिंग की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हर चरण की समीक्षा की जा रही है, ताकि संचालन शुरू होने के बाद किसी तरह की समस्या सामने न आए।
यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर
ट्रेनों के लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से संचालित होने के बाद यात्रियों को अपनी यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि सफर से पहले ट्रेन का प्रस्थान और आगमन स्टेशन जरूर जांच लें। स्टेशन बदलने की जानकारी रेलवे की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और सूचना केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
इंदौर के विकास को भी मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। इससे शहर की आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को भी मजबूती मिलेगी। इंदौर पहले से ही देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल है, ऐसे में आधुनिक रेलवे स्टेशन शहर की कनेक्टिविटी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मजबूत करेगा।
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