इंदौर में चाय की चुस्की पड़ी भारी, 200 के नकली नोट ने खोला नोट छापने वाली फैक्ट्री का राज मध्य प्रदेश 2 महीने पहले 103
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक युवक द्वारा चाय-नाश्ते के बिल के भुगतान में दिए गए नकली नोट ने बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली नोट और छपाई के उपकरण जब्त किए हैं।

इंदौर में नकली नोटों का बड़ा नेटवर्क

मध्य प्रदेश के इंदौर में नकली नोट छापने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक युवक ने चाय की दुकान पर भुगतान के लिए 200 रुपये का नकली नोट दिया। दुकानदार को नोट की गुणवत्ता पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। इस छोटी सी घटना ने पुलिस को उस गिरोह तक पहुंचा दिया जो लंबे समय से नकली नोटों की छपाई कर रहा था।

सिंगापुर टाउनशिप में चल रही थी फैक्ट्री

गांधीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सिंगापुर टाउनशिप में पुलिस ने एक किराए के फ्लैट पर दबिश दी। वहां नकली नोट छापने का पूरा सेटअप चल रहा था। पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी रवि चौधरी के साथ-साथ संजय वैष्णव और दीपक पटेल को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान पुलिस को वहां से नोट छापने वाली मशीनें, एक लैपटॉप, प्रिंटर और विशेष रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला कागज बरामद हुआ है। इसके अलावा, 200 रुपये के कुल 80,000 रुपये मूल्य के नकली नोट भी जब्त किए गए हैं।

सोशल मीडिया से सीखी थी नोट छापने की कला

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस अवैध कारोबार में लिप्त थे। उन्होंने इंटरनेट और सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से नकली नोट तैयार करने की तकनीक सीखी थी। आरोपी इन नोटों को हूबहू असली जैसा बनाने की कोशिश करते थे ताकि बाजार में इन्हें आसानी से खपाया जा सके। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों ने नकली नोटों को अब तक किन-किन बाजारों या लोगों तक पहुंचाया है।

मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास

जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का सरगना रवि चौधरी पहले भी इसी तरह के अपराधों में जेल की हवा खा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी पुरानी गतिविधियों को फिर से शुरू किया और अपने साथियों संजय वैष्णव और दीपक पटेल को भी इस अपराध में शामिल कर लिया। तीनों मिलकर बड़ी ही चालाकी से नकली मुद्रा का जाल फैला रहे थे, लेकिन चाय की एक छोटी सी दुकान पर उनकी यह साजिश नाकाम हो गई।

कैसे हुआ खुलासा

घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी दीपक पटेल शहर के एक सांवरिया रेस्टोरेंट में चाय-नाश्ता करने गया था। नाश्ते के बाद जब उसने भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट दिया, तो संचालक को नोट के स्वरूप पर शक हुआ। उसने तुरंत उसे नोट बदलने के लिए कहा, जिससे दोनों के बीच बहस छिड़ गई। दुकानदार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस को खबर कर दी। मौके पर पहुंची गांधीनगर पुलिस की टीम ने दीपक पटेल को हिरासत में लिया, जिसके पास से तलाशी के दौरान और भी नकली नोट बरामद हुए। फिलहाल, पुलिस ने BNS की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की गहन छानबीन कर रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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